कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़: बारिश और धक्का-मुक्की के बीच ढांचा टूटने से 17 श्रद्धालुओं की मौत, 40 से अधिक घायल
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़: बारिश और धक्का-मुक्की के बीच ढांचा टूटने से 17 श्रद्धालुओं की मौत, 40 से अधिक घायल
कोलकाता:
शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के पावन पर्व के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद हृदयविदारक और दुखद खबर सामने आई है। उत्तरी कोलकाता के गिरीश पार्क थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल (सरदा पार्क) में शनिवार शाम अचानक भारी भगदड़ मच गई। इस भीषण हादसे में अब तक 17 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिनमें 13 महिलाएं, 3 पुरुष और एक मासूम बच्चा शामिल है।
कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा हादसे में 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह ऐतिहासिक पूजा पंडाल पिछले 91 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा था, जहां महा-उत्सव के बीच अचानक चीख-पुकार और मातम पसर गया।
कैसे हुआ हादसा? बारिश, संकरा रास्ता और लकड़ी का ढांचा टूटने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा शनिवार शाम करीब 7:40 बजे हुआ:
अचानक तेज बारिश: शाम को अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे पंडाल के भीतर मौजूद दर्शनार्थी बाहर नहीं निकल सके और वहीं रुक गए। इसी दौरान बाहर मौजूद भारी भीड़ भी बारिश से बचने और दर्शन की जल्दी में एक साथ भीतर घुसने का प्रयास करने लगी।
360-डिग्री सर्कुलर रैंप पर दबाव: चोरबागान पंडाल में प्रवेश के बाद बाहर निकलने के लिए एक ऊंचा 360-डिग्री गोलाकार गलियारा (रैंप) बनाया गया था। एग्जिट गेट और इस संकरे मार्ग पर अंदर आने और बाहर जाने वाले लोगों की भीड़ आमने-सामने आ गई, जिससे भयंकर धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
लकड़ी का स्ट्रक्चर टूटने की आशंका: चश्मदीदों के अनुसार, भारी भीड़ के अनियंत्रित दबाव और भगदड़ के चलते अस्थायी लकड़ी के ढांचे (स्ट्रक्चर) का एक हिस्सा टूट गया या लड़खड़ा गया, जिससे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए और बैरिकेडिंग धराशायी हो गई।
अस्पताल में अफरातफरी, प्रशासन की कार्रवाई और जांच के आदेश
प्रशासनिक कदम: हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राहत दल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत ऑटो और एंबुलेंस के जरिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
क्लब सदस्यों को तलब: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूजा समिति के जिम्मेदार सदस्यों को तत्काल थाने तलब कर पूछताछ करने के निर्देश दिए हैं। घटनास्थल पर तनाव और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पंडाल की बिजली काट दी गई है और प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
हेल्पलाइन नंबर: परिजनों की सहायता और जानकारी के लिए प्रशासन द्वारा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-345-5678 जारी किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: इस दुखद हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए नेताओं ने शोक जताया है। हादसे के कारणों की तकनीकी और प्रशासनिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

