ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़: भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स और कच्चा माल बरामद, अमित शाह ने बताया बड़ी सफलता
ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़: भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स और कच्चा माल बरामद, अमित शाह ने बताया बड़ी सफलता
नई दिल्ली / ग्रेटर नोएडा:
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया है। यहां से भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स, ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन (कच्चा माल) और आधुनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। इस मामले में एक विदेशी नागरिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बड़ी कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
खुफिया इनपुट पर आधारित प्रभावी कार्रवाई
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के जरिए कहा कि यह सफलता सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार देश में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त ड्रग कार्टेल को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दिसंबर 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ का लक्ष्य
नियोजित डेडलाइन: गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार ने दिसंबर 2029 तक देश से ड्रग कार्टेल के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
विज़न डॉक्यूमेंट: यह लक्ष्य ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029’ के तहत तय किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में अवैध उत्पादन और तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाना है।
केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर
बीते 23 सितंबर को एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रमुखों की तीसरी राष्ट्रीय समिट (National Summit) का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया था कि जब तक केंद्र और राज्य सरकारें आपसी तालमेल के साथ मिलकर काम नहीं करतीं, तब तक 2029 के इस बड़े लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं है। यही कारण है कि नशीले पदार्थों के अवैध नेटवर्क के खिलाफ देश भर में सुरक्षा एजेंसियां अब और अधिक आक्रामक रुख अपना रही हैं।

