2027 विधानसभा चुनाव: कांग्रेस की आक्रामक रणनीति, 22 से ‘न्याय यात्रा’ और 27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा घेराव का ऐलान
2027 विधानसभा चुनाव: कांग्रेस की आक्रामक रणनीति, 22 से ‘न्याय यात्रा’ और 27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा घेराव का ऐलान
देहरादून:
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद पार्टी ने अगले 15 दिनों के कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी कर दी है। कांग्रेस ने एसआईआर (SIR) का मुद्दा, अंकिता भंडारी हत्याकांड, बढ़ते भ्रष्टाचार और भूमि घोटालों को मुख्य हथियार बनाते हुए सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आक्रामक आंदोलन की रणनीति तैयार की है।
कांग्रेस के आगामी आंदोलन और कार्यक्रमों का शेड्यूल
पार्टी ने जनहित और ज्वलंत मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम तय किए हैं:
प्रदेशव्यापी ‘न्याय यात्रा’ (22 से 25 अक्टूबर): प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली इस न्याय यात्रा के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ता जनता को सरकार की विफलताओं से अवगत कराएंगे। इसमें पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता शिरकत करेंगे।
भराड़ीसैंण विधानसभा घेराव (27 अक्टूबर): गैरसैंण स्थित विधानसभा भवन में आहूत दो दिवसीय सत्र के दौरान 27 अक्टूबर को कांग्रेस भराड़ीसैंण विधानसभा का घेराव करेगी। पार्टी का उद्देश्य सत्र को मात्र ‘दिखावा’ करार देते हुए जनता की आवाज को सदन से सड़क तक बुलंद करना है।
दिल्ली में CEC के खिलाफ विशाल रैली (1 नवंबर): चुनाव आयोग (CEC) की कार्यप्रणाली और एसआईआर के मुद्दे पर 1 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
भूमि घोटालों के खिलाफ प्रदर्शन (4 नवंबर): प्रदेश में बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीद-फरोख्त, नीलामी और भूमि घोटालों के विरोध में 4 नवंबर को राज्य और जिला मुख्यालयों पर विशेष धरने-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
रेखा आर्या विवाद पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच उपजे पारिवारिक विवाद और 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर भी कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस प्रकरण से साफ हो गया है कि प्रदेश के विभागों में किस स्तर पर भ्रष्टाचार पनप रहा है। उन्होंने कहा कि—
”इस पूरे मामले में दो ही बातें सामने आती हैं या तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसके हिस्सेदार हैं, या फिर सरकार इतनी निकम्मी है कि उन्हें इसकी भनक ही नहीं थी। यह केवल 210 करोड़ की बात नहीं है, बल्कि कांग्रेस राज्य सरकार के सभी घोटालों और भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा जनता के सामने खोलेगी।”
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस इन सभी ज्वलंत मुद्दों और आक्रामक आयोजनों के जरिए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर चौतरफा दबाव बनाने की पूरी तैयारी में जुटी है।

