Saturday, October 17, 2026
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उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा को मजबूती: धामी सरकार के कार्यकाल में खुले 3 नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज, बढ़ीं हजारों सीटें और रोजगार के अवसर

उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा को मजबूती: धामी सरकार के कार्यकाल में खुले 3 नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज, बढ़ीं हजारों सीटें और रोजगार के अवसर

​देहरादून:

​उत्तराखंड में चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लगातार बड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार के विशेष प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ा है, जिससे स्थानीय युवाओं के साथ-साथ अन्य राज्यों के छात्रों को भी उच्च स्तरीय शिक्षा और वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।

​राजकीय और निजी क्षेत्र में सीटों का विस्तार

​राजकीय नर्सिंग कॉलेज: जुलाई 2021 के बाद से राज्य में तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की गई है, जिससे विभिन्न पाठ्यक्रमों (बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम) में 321 अतिरिक्त सीटें जुड़ी हैं। इसके साथ ही राजकीय संस्थानों में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 879 हो गई है।

​निजी नर्सिंग संस्थान: इसी अवधि में 76 नए निजी संस्थानों को अनिवार्यता प्रमाण-पत्र और 5,138 सीटों की मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश के निजी संस्थानों में कुल सीटों की संख्या 10,616 तक पहुंच गई है। इस प्रकार सरकारी और निजी दोनों को मिलाकर प्रदेश में नर्सिंग सीटों की कुल संख्या 11,495 हो गई है।

​छात्रों का रुझान: हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षाओं में प्रतिवर्ष 12,000 से 15,000 तक अभ्यर्थी आवेदन कर रहे हैं, जो नर्सिंग के क्षेत्र में युवाओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।

​देश के साथ विदेशों में भी मिल रहा रोजगार

​उत्तराखंड के युवाओं को केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के साथ जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है:

​जापान और जर्मनी में चयन: राज्य सरकार के इन प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार प्राप्त हुआ है।

​अन्तर्देशीय मांग: उत्तराखंड के निजी संस्थानों में न केवल स्थानीय बल्कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार हो रहा है।

​शैक्षिक गुणवत्ता और फैकल्टी की नियुक्ति पर जोर

​चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों के तहत संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पर्याप्त फैकल्टी सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं:

​नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

​विभिन्न चरणों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर स्तर के पदों का सृजन कर नियुक्तियां की गई हैं।

​हाल ही में 16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है तथा सितंबर माह में 30 ट्यूटरों का अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा जा चुका है।

​”राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखण्ड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।”

— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

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