‘ग्राहम एक्ट’ पर ट्रंप की छूट का रूस ने किया स्वागत, तो अमेरिकी कांग्रेस में रूसी डीजल सौदे को रोकने नया बिल पेश
‘ग्राहम एक्ट’ पर ट्रंप की छूट का रूस ने किया स्वागत, तो अमेरिकी कांग्रेस में रूसी डीजल सौदे को रोकने नया बिल पेश
मास्को / वाशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी तेल और गैस आयात पर लगने वाले कड़े दंडात्मक प्रतिबंधों (‘ग्राहम एक्ट’) को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने के फैसले के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां रूस ने इस कदम का खुले दिल से स्वागत करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक कदम’ करार दिया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में ट्रंप प्रशासन के इस फैसले और रूसी डीजल आयात सौदे के खिलाफ द्विपक्षीय (बायपार्टिसन) मोर्चा खुल गया है।
रूस का रुख: “प्रतिबंधों की जगह संवाद की शुरुआत”
रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के प्रमुख और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी किरिल दिमित्रिएव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टेलीग्राम’ पर राष्ट्रपति ट्रंप के निर्णय की सराहना की:
ऐतिहासिक क्षण: दिमित्रिएव ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ‘ग्राहम एक्ट’ को निलंबित किया जाना एक वास्तव में ऐतिहासिक कदम है। यह कदम टकराव और कड़े प्रतिबंधों के बजाय संवाद, आपसी सहयोग और वैश्विक आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक नया मोड़ दिखाता है।
आर्थिक तबाही से बचाव: उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि यह कानून पूरी तरह लागू हो जाता, तो अमेरिका और रूस के बीच आर्थिक सहयोग ठप हो जाता, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक तेल बाजारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता।
अमेरिकी कांग्रेस में विरोध: पेश हुआ ‘प्रोहिबिट करप्ट रशियन ऑयल डील्स एक्ट’
दूसरी ओर, वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले और रूसी डीजल आयात को मंजूरी देने के कदम पर तीखा राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति में शीर्ष डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स ने दोनों दलों (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) के सांसदों के समर्थन से ‘प्रोहिबिट करप्ट रशियन ऑयल डील्स एक्ट’ (Prohibit Corrupt Russia Oil Deals Act) नाम से एक नया विधेयक पेश किया है:
विधेयक के मुख्य प्रावधान:
यह कानून रूसी ऊर्जा क्षेत्र में ‘यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन’ के किसी भी अमेरिकी निवेश पर पूर्ण रोक लगाने का प्रस्ताव करता है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ (OFAC) द्वारा रूसी डीजल व ईंधन लेनदेन के लिए दिए गए सभी विशेष लाइसेंसों को तुरंत रद्द करने की मांग की गई है।
भविष्य में रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर ऐसे किसी भी लाइसेंस या छूट देने पर कानूनी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।
द्विपक्षीय समर्थन: इस विधेयक का समर्थन रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन के अलावा कैलिफोर्निया से भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद अमी बेरा, जिम कोस्टा, स्टेनी होयर और बिल कीटिंग जैसे प्रमुख नेता कर रहे हैं।
डोमेस्टिक पॉलिसी व यूक्रेन युद्ध पर बहस
सांसद ग्रेगरी मीक्स और अन्य आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन का यह फैसला एक तरफ यूक्रेन पर रूसी हमलों के बीच पुतिन सरकार को आर्थिक मदद मुहैया कराएगा, वहीं दूसरी तरफ यह अमेरिका की वैश्विक रणनीति को कमजोर करता है।
सांसदों का तर्क है कि यदि अमेरिका स्वयं रूसी डीजल आयात करने की अनुमति देगा, तो भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर द्वितीयक (सेकेंडरी) प्रतिबंध लगाने का अमेरिकी रुख बेअसर साबित होगा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन का मानना है कि घरेलू बाजार में डीजल और ईंधन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने तथा अमेरिकी ट्रांसपोर्टरों व किसानों को राहत देने के लिए यह फैसला राष्ट्रीय हित में लिया गया है।

