कनॉट प्लेस और खान मार्केट के व्यापारियों का फूटा गुस्सा: दिल्ली पुलिस के समर्थन में लगाए नारे, प्रदर्शनों से रोजाना ₹100 करोड़ के नुकसान का दावा
कनॉट प्लेस और खान मार्केट के व्यापारियों का फूटा गुस्सा: दिल्ली पुलिस के समर्थन में लगाए नारे, प्रदर्शनों से रोजाना ₹100 करोड़ के नुकसान का दावा
नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली के प्रमुख कारोबारी केंद्रों—कनॉट प्लेस (CP) और खान मार्केट—में पिछले दो हफ्तों से जारी राजनीतिक हलचलों और विरोध प्रदर्शनों के बीच एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। शुक्रवार (16 अक्टूबर 2026) को पिछले 15 दिनों में पहली बार प्रदर्शन के दौरान दुकानें और रेस्तरां खुले रहे। इस दौरान आक्रोशित दुकानदारों और व्यापारियों ने ‘दिल्ली पुलिस आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे लगाए और बाजारों को बार-बार ठप करने वाली राजनीतिक गतिविधियों का कड़ा विरोध किया।
त्योहारी सीजन में सन्नाटा, रोजाना ₹100 करोड़ के कारोबार का नुकसान
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) और स्थानीय व्यापार मंडलों ने दावा किया है कि सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख बाजारों में बार-बार हो रहे प्रदर्शनों के कारण कारोबार पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है:
दैनिक नुकसान: नई दिल्ली इलाके में हर दिन करीब ₹100 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो रहा है।
ग्राहकों की कमी: दुकानदारों का कहना है कि नवरात्रि और आगामी त्योहारों का सीजन पूरे साल का सबसे बड़ा कारोबारी समय होता है। लेकिन प्रदर्शनों, पुलिस बैरिकेडिंग और अचानक बाजार बंद होने के डर से आम ग्राहक कनॉट प्लेस और खान मार्केट आने से कतरा रहे हैं।
अचानक बंदी का डर: व्यापारियों का आरोप है कि महज 20-25 लोगों के अचानक जमा होकर नारेबाजी करने से पूरा बाजार अस्त-व्यस्त हो जाता है और सुरक्षा कारणों से दुकानें बंद करनी पड़ती हैं।
खान मार्केट के व्यापारी परेशान, मुआवजे की मांग पर विचार
प्रदर्शनों का असर केवल कनॉट प्लेस तक सीमित नहीं है। लुटियंस दिल्ली के मशहूर खान मार्केट के व्यापारी भी लगातार हो रहे घाटे से परेशान हैं।
खान मार्केट ट्रेडर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने बताया कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई बड़े और प्रतिष्ठित दुकानदार खान मार्केट छोड़कर अन्य सुरक्षित कारोबारी इलाकों का रुख करने लगे हैं।
यूनियन अब इस त्योहारी सीजन में हुए भारी आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मुआवजे की मांग करने पर विचार कर रही है।
सियासत तेज: सौरभ भारद्वाज और व्यापारियों के दावों में विरोधाभास
व्यापारियों के इस आंदोलन और पुलिस के समर्थन पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है:
सौरभ भारद्वाज (AAP): आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक अजीब दावा करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रदर्शनों से बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ती है जिससे दुकानदारों की बिक्री में इजाफा होता है। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन रोकने और व्यापार प्रभावित करने का आरोप लगाया।
व्यापारियों का रुख: दुकानदारों ने आप नेता के दावे को खारिज करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान आने वाली भीड़ खरीदारी करने नहीं, बल्कि हंगामा करने आती है, जिससे आम पारिवारिक ग्राहक डरकर दूर भाग जाते हैं।
व्यापारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि विरोध प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर या कोई अन्य वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया जाए, और दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों के सीधे प्रभाव से पूरी तरह मुक्त रखा जाए ताकि उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित रह सके।

