एसआईआर और चुनाव आयोग विवाद: बीजेपी चलाएगी देशव्यापी जवाबी अभियान, बुकलेट के जरिए जनता को बताएगी सच
एसआईआर और चुनाव आयोग विवाद: बीजेपी चलाएगी देशव्यापी जवाबी अभियान, बुकलेट के जरिए जनता को बताएगी सच
नई दिल्ली:
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष द्वारा बनाए जा रहे दबाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक जवाबी रणनीति तैयार कर ली है। विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन और राहुल गांधी के आरोपों की काट के लिए बीजेपी देशभर में एक व्यापक जनसंपर्क एवं जनजागरण अभियान शुरू करने जा रही है।
इस अभियान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक सीधे जनता के बीच पहुंचकर मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े तथ्यों को पारदर्शी तरीके से सामने रखेंगे।
विशेष बुकलेट के जरिए कई अहम सवालों के दिए जाएंगे जवाब
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी एक विशेष बुकलेट और डिजिटल अध्ययन सामग्री तैयार कर रही है, जिसमें एसआईआर से जुड़ी तकनीकी व कानूनी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया जाएगा। इस अभियान के जरिए पार्टी निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करेगी:
एसआईआर (SIR) की आवश्यकता क्यों पड़ी? निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए मतदाता सूची को अद्यतन करने का संवैधानिक महत्व।
ऐतिहासिक संदर्भ: देश में पहले कब-कब और किस-किस सरकार के दौरान एसआईआर या मतदाता सूची पुनरीक्षण कराया गया।
छूटे नामों का जुड़ाव: यदि किसी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूट गया है, तो उसे पुनः कैसे जोड़ा जा सकता है?
नियम और कानूनी प्रावधान: चुनाव आयोग (ECI) के नियम, फॉर्म-6 से जुड़ी प्रक्रियाएं और मतदाता सूची में संशोधन के वैधानिक रास्ते।
कांग्रेस और यूपीए (UPA) कार्यकाल पर भी साधा जाएगा निशाना
बीजेपी अपने इस राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान कांग्रेस पार्टी की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा करेगी।
केंद्रीय मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस: देश के प्रमुख शहरों में वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के आरोपों की पोल खोलेंगे।
अतीत के फैसले: पार्टी जनता के सामने यह आंकड़े रखेगी कि कांग्रेस सरकारों के दौरान चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियों और चुनाव प्रक्रियाओं में क्या-क्या फैसले लिए गए थे और किस तरह संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया था। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा था कि चुनाव में हार के लिए एसआईआर नहीं, बल्कि कांग्रेस का नेतृत्व जिम्मेदार है।
सड़कों से लेकर कोर्ट तक विपक्ष का हमला जारी
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया को वापस लेने की मांग पर कांग्रेस, सीजेपी (CJP) और विपक्षी दल लगातार आंदोलनरत हैं।
राहुल गांधी का विरोध मार्च: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में जंतर-मंतर, आकाशवाणी भवन और राष्ट्रपति भवन तक विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख भी किया है, जिस पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी हो चुका है।
विपक्ष के लगातार बढ़ते सियासी हमलों के बीच बीजेपी का यह प्रस्तावित अभियान आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक नैरेटिव को अपने पक्ष में मोड़ने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

