उत्तराखंड में कांग्रेस की ‘भव्य यात्रा’ का ब्लूप्रिंट तैयार: चारों दिशाओं से निकलेगी यात्रा, बदरीनाथ धाम में न्याय की गुहार लगाएगी पार्टी
उत्तराखंड में कांग्रेस की ‘भव्य यात्रा’ का ब्लूप्रिंट तैयार: चारों दिशाओं से निकलेगी यात्रा, बदरीनाथ धाम में न्याय की गुहार लगाएगी पार्टी
देहरादून:
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों और सांगठनिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा राजनीतिक व आध्यात्मिक कार्ड खेला है। पार्टी जल्द ही राज्य की चारों दिशाओं से एक भव्य जन-जागरण यात्रा निकालने जा रही है, जिसका समापन चमोली स्थित भगवान बदरी विशाल (बदरीनाथ धाम) के दरबार में होगा। प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं ने इस यात्रा का खाका और टेंटेटिव प्रोग्राम तैयार कर लिया है, जिस पर अब केवल कांग्रेस हाईकमान की अंतिम मुहर लगना बाकी है।
यात्रा के प्रमुख रूट और समापन की योजना
पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड के अलग-अलग कोनों से वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में इस यात्रा को शुरू किया जाएगा:
प्रमुख शुरुआती केंद्र: यात्रा राज्य के विभिन्न भौगोलिक हिस्सों यानी धारचूला, हरिद्वार, चकराता-पुरोला, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल से निकाली जाएगी।
बदरीनाथ धाम में महासंगम: चारों दिशाओं से शुरू होने वाली ये यात्राएं चमोली जिले में एक साथ मिलेंगी। इसके बाद सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे।
भगवान के सामने न्याय की गुहार: बदरीनाथ धाम पहुंचकर कांग्रेस नेता प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर भगवान विष्णु के चरणों में चढ़ावा चढ़ाएंगे और राज्य की खुशहाली व न्याय के लिए प्रार्थना करेंगे।
किन प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी कांग्रेस?
उत्तराखंड कांग्रेस इस यात्रा के माध्यम से राज्य सरकार को घेरने और जन-जागरूकता फैलाने के लिए कई संवेदनशील व अहम मुद्दों को उठाने जा रही है:
अंकिता भंडारी हत्याकांड में अंकिता के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग।
राज्य में हुए विभिन्न भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मामले।
केदारनाथ धाम और अन्य धार्मिक स्थलों में कथित चंदा चोरी व अव्यवस्था का विवाद।
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध, महिला उत्पीड़न और कानून-व्यवस्था की स्थिति।
हाईकमान की मंजूरी के बाद तय होंगी तारीखें
हरक सिंह रावत के अनुसार, इस यात्रा को ‘जन जागरण यात्रा’, ‘जन क्रांति यात्रा’, ‘लोकतंत्र बचाओ क्रांति’ या ‘संकल्प यात्रा’ का नाम दिया जा सकता है। यद्यपि यात्रा का प्राथमिक ढांचा तैयार है, लेकिन इसकी औपचारिक तिथियों और अंतिम रूट चार्ट की घोषणा दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से मंजूरी मिलने के बाद ही की जाएगी। चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस के इस आध्यात्मिक-राजनीतिक दांव से उत्तराखंड का सियासी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।

