Friday, October 16, 2026
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यमन संघर्ष और हूती हमले: अदन के राष्ट्रपति भवन परिसर पर मिसाइल हमला, चार की मौत; सऊदी ठिकानों पर बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय सुरक्षा संकट गहराया

यमन संघर्ष और हूती हमले: अदन के राष्ट्रपति भवन परिसर पर मिसाइल हमला, चार की मौत; सऊदी ठिकानों पर बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय सुरक्षा संकट गहराया

​अदन / रियाद:

​यमन में गृहयुद्ध और क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के समर्थन वाली सरकार को निशाना बनाते हुए देश की अंतरिम राजधानी अदन स्थित राष्ट्रपति भवन परिसर पर कई मिसाइलें दागी हैं। इस भीषण हमले में दो सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, यमन के सूचना मंत्रालय ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

​अदन राष्ट्रपति भवन पर हमला: बाल-बाल बचे प्रधानमंत्री और मंत्री

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब यह हमला हुआ, उस समय राष्ट्रपति भवन परिसर के भीतर प्रधानमंत्री और सरकार के कई अन्य वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे। हालांकि, गनीमत यह रही कि शीर्ष अधिकारी इस हमले में बाल-बाल बच गए।

​धमाकों की गूंज: राष्ट्रपति भवन परिसर के आसपास कम से कम पांच जोरदार धमाके सुने गए, जिसके बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिसर पर कुल पांच मिसाइलें दागी गईं।

​हूतियों की स्वीकारोक्ति: हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने अदन में सऊदी अरब के सैन्य अभियान मुख्यालय को निशाना बनाया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला सऊदी सैन्य तैनाती के खिलाफ उनकी घोषित नीति का हिस्सा है।

​सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल ठिकानों पर भी बढ़े हमले

​दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने आरोप लगाया है कि हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब की संप्रभुता और नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में हूतियों ने सऊदी अरब के कई प्रमुख एयरपोर्ट, बंदरगाहों और तेल ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले तेज कर दिए हैं।

​यमन गठबंधन सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज खुलासे किए:

​रियाद एयरपोर्ट पर हमले: उनके मुताबिक, इस महीने हूतियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर कई हमले किए, जिनमें अब तक कुल 17 लोगों की जान जा चुकी है और 333 लोग घायल हुए हैं। (इसके अलावा हाल ही में रियाद एयरपोर्ट पर हुए एक अन्य बड़े हमले में 12 लोगों के मारे जाने की भी अलग से रिपोर्ट सामने आई है)।

​आभा एयरपोर्ट और तकनीक: दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में सीमा के पास स्थित आभा एयरपोर्ट पर हुए हमलों में भी 3 लोगों की मौत और 28 के घायल होने की खबर है। गठबंधन ने आरोप लगाया है कि हूतियों को बाहरी ताकतों से अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और विस्फोटक नौकाएं मिल रही हैं।

​अल-मलिकी ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में गठबंधन ने यमन के पहाड़ी इलाकों में हूतियों के 127 हथियार ठिकानों को नष्ट किया है। साथ ही, हूतियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और एयरस्पेस को ‘असुरक्षित’ घोषित करते हुए एयरलाइंस को चेतावनी जारी की है, हालांकि इसमें मक्का और मदीना के हवाई क्षेत्र को अलग रखा गया है।

​वर्ष 2014 से सुलग रहा है यमन

​यमन में चल रहे इस खूनी संघर्ष की जड़ें वर्ष 2014 में गहरी हैं, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार की बहाली के लिए सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया था।

​यद्यपि संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से 2022 में एक युद्धविराम समझौता हुआ था जिसके बाद बड़े पैमाने पर चल रही लड़ाई कुछ थमी थी, लेकिन छह महीने बाद औपचारिक समझौता समाप्त होने के बावजूद स्थायी राजनीतिक समाधान न निकल पाने के कारण छिटपुट संघर्ष और अब इन ताजा मिसाइल हमलों ने एक बार फिर मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है।

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