भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व ओपनर पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, एक दशक से अधिक लंबे शानदार करियर पर लगा विराम
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व ओपनर पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, एक दशक से अधिक लंबे शानदार करियर पर लगा विराम
मुंबई:
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी और भरोसेमंद पूर्व ओपनर पूनम राउत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उनके एक दशक से अधिक लंबे शानदार और प्रेरणादायक अंतरराष्ट्रीय करियर का औपचारिक अंत हो गया है। 37 वर्षीय पूनम आखिरी बार वर्ष 2021 में भारत के लिए मैदान पर उतरी थीं।
इंस्टाग्राम पर साझा की संन्यास की भावनाएं
अपने आधिकारिक ‘इंस्टाग्राम’ अकाउंट पर एक भावुक बयान जारी करते हुए पूनम राउत ने लिखा:
”काफी सोच-विचार के बाद, मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक खेल से कहीं बढ़कर रहा है—इसने मेरे व्यक्तित्व को गढ़ा है, मुझे विपरीत परिस्थितियों में डटे रहना सिखाया है और ऐसी यादें दी हैं जिन्हें मैं हमेशा संजोकर रखूंगी। जब भी मैंने भारत की जर्सी पहनी, तो मैंने इसे बहुत गर्व और कृतज्ञता के साथ पहना।”
पूनम राउत का शानदार क्रिकेट करियर
मूल रूप से मुंबई की रहने वाली पूनम राउत ने मार्च 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने वनडे करियर का आगाज किया था। उनके अंतरराष्ट्रीय आंकड़े और उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
वनडे क्रिकेट: उन्होंने 73 एकदिवसीय मुकाबलों में 34.83 की औसत से 2,299 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं।
टी20 अंतरराष्ट्रीय: 35 टी20 मुकाबलों में उन्होंने 719 रन बनाए।
टेस्ट क्रिकेट: भारत के लिए खेले गए 4 टेस्ट मैचों में उन्होंने कुल 264 रन जोड़े।
विश्व कप का सफर: पूनम उस ऐतिहासिक भारतीय टीम का अहम हिस्सा थीं, जो इंग्लैंड में खेले गए आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2017 में उपविजेता रही थी। अपने करियर के दौरान वह कुल 3 वनडे वर्ल्ड कप और 4 टी20 वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
2017 वर्ल्ड कप और साथी खिलाड़ियों को याद किया
पूनम ने विशेष रूप से 2017 के विश्व कप को याद करते हुए कहा कि भले ही टीम ट्रॉफी जीतने से चूक गई हो, लेकिन उस टूर्नामेंट ने भारत में महिला क्रिकेट की पूरी तस्वीर बदल दी और युवा लड़कियों की एक नई पीढ़ी को प्रेरित किया।
उन्होंने अपने सफर में सहयोग देने वाले हर संस्थान और व्यक्ति का आभार जताया:
बीसीसीआई और एमसीए: उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने शुरुआती दौर से ही उनके करियर की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय रेलवे: रेलवे को अपना दूसरा परिवार बताते हुए उन्होंने कहा कि इस संस्था ने उन्हें एक अनुशासित और मजबूत खिलाड़ी के रूप में ढाला है।
मिताली राज और कोच: पूर्व कप्तान मिताली राज का विशेष जिक्र करते हुए पूनम ने कहा कि उनकी कप्तानी में भारत और रेलवे दोनों के लिए खेलना उनके लिए सौभाग्य की बात थी। इसके अलावा उन्होंने अपने सभी कोचों और साथी खिलाड़ियों का भी दिल से धन्यवाद किया।
कोचिंग के जरिए खेल से जुड़ी रहेंगी पूनम
अपने संन्यास संदेश के अंत में पूनम ने स्पष्ट किया कि खेल के प्रति उनका प्रेम कभी कम नहीं होगा। चूंकि वह अपना कोचिंग सर्टिफिकेशन भी पूरा कर चुकी हैं, इसलिए वह भविष्य में कोचिंग के माध्यम से भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने और इसके विकास में अपना योगदान देने की इच्छा रखती हैं।

