अमेरिका के शिकागो के पास हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, 19 वर्षीय नियो-नाजी हमलावर गिरफ्तार
अमेरिका के शिकागो के पास हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, 19 वर्षीय नियो-नाजी हमलावर गिरफ्तार
शिकागो (अमेरिका):
अमेरिका में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़ी हिंसा फैलाने की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है। शिकागो के पास ऑरोरा (Aurora) स्थित एक हिंदू मंदिर पर फायरिंग करने की योजना बना रहे 19 वर्षीय हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर जैसे ही फायरिंग करने वाला था, ऐन मौके पर उसकी राइफल जाम हो गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
’व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नियो-नाजी’ से जुड़ा है आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान एलेक्जेंड्रोस पैपोरेकिस (Alexandros Papourekis) के रूप में हुई है, जिसने खुद को ‘व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नियो-नाजी’ (White Supremacist Neo-Nazi) बताया है। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। न्यायाधीश ने उसे 30 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सहकर्मी की सतर्कता से हुआ खुलासा
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने अपने एक सहकर्मी (जो उसके साथ फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में काम करता था) को टेक्स्ट मैसेज भेजकर और फोन पर यह स्वीकार किया था कि वह शनिवार को शिकागो से करीब 70 किलोमीटर दूर ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर में गया था। उसने वहां सामूहिक गोलीबारी (Mass Shooting) की कोशिश की थी, लेकिन जैसे ही उसने ट्रिगर दबाया, उसकी राइफल जाम हो गई और वह गोली नहीं चला सका, जिसके बाद वह वहां से भाग गया।
सतर्क सहकर्मी ने तुरंत इस बात की सूचना माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को दी, जिसके बाद मामला पैलेटाइन पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को शिकागो से लगभग 60 किलोमीटर दूर पैलेटाइन स्थित उसके घर के बाहर से आरोपी को दबोच लिया।
घर से भारी मात्रा में हथियार और ‘मेनिफेस्टो’ बरामद
पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने बताया कि आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने:
एक राइफल, भरी हुई मैगजीन और सैकड़ों कारतूस बरामद किए हैं।
एक बॉडी आर्मर भी मिला है, जिस पर श्वेत श्रेष्ठतावादी चरमपंथ से जुड़े चिन्ह और डिजाइन बने हुए थे।
अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी पिछले दो वर्षों से इस हमले की योजना बना रहा था। उसने अपने सहकर्मी को एक ‘मेनिफेस्टो’ (घोषणा पत्र) भी भेजा था, जिसमें आठ पन्नों के भीतर भारतीय मूल के लोगों और हिंदू मंदिरों के खिलाफ अत्यंत नस्लभेदी और घृणास्पद टिप्पणियां लिखी हुई थीं। उसने लिखा था कि वह ज्यादा से ज्यादा अल्पसंख्यकों की हत्या करने के बाद मरना चाहता है।
भारतीय दूतावास ने की सराहना
ऑरोरा इलाके में तीन हिंदू मंदिर स्थित हैं। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने स्थानीय मंदिरों को इस सुरक्षा खतरे से अवगत करा दिया है और इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है।
इस बीच, न्यूयार्क में भारतीय दूतावास ने बयान जारी कर कहा है कि उन्हें ऑरोरा में एक पूजा स्थल को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश से जुड़ी खबरों की जानकारी है। दूतावास ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से समय रहते की गई त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है। साथ ही, भारतीय अधिकारी स्थानीय समुदाय के लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

