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फ्लाईदुबई कॉकपिट घटना का असर: एयर फ्रांस ने 31 देशों के पायलटों और क्रू पर लगाई इजरायल की उड़ानों की पाबंदी

फ्लाईदुबई कॉकपिट घटना का असर: एयर फ्रांस ने 31 देशों के पायलटों और क्रू पर लगाई इजरायल की उड़ानों की पाबंदी

​पेरिस/दुबई:

​फ्लाइट के दौरान हुई एक गंभीर सुरक्षा घटना के बाद विमानन कंपनी एयर फ्रांस (Air France) ने इजरायल के निर्देशों का पालन करते हुए बड़ा कदम उठाया है। एयरलाइन ने दुनिया भर के 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू को इजरायल के लिए उड़ानें संचालित करने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जिनके पास दोहरी नागरिकता (जैसे फ्रांसीसी नागरिकता) है, लेकिन उनका मूल देश इन 31 देशों में से एक है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

​मीडियापार्ट और एविएशन रिपोर्ट्स के खुलासे

फ्रेंच इन्वेस्टिगेटिव पब्लिकेशन ‘मीडियापार्ट’ और एविएशन इंटेलिजेंस कंपनी ‘ch-aviation’ की रिपोर्ट के अनुसार, एयर फ्रांस ने अपने उड़ान कर्मचारियों को इजरायल द्वारा लगाई गई इन नई पाबंदियों से औपचारिक रूप से अवगत करा दिया है। एयर फ्रांस ने पुष्टि की है कि वह इन सुरक्षा शर्तों का पूरी तरह पालन कर रही है। इसके अलावा, यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी कथित तौर पर इन सुरक्षा दिशा-निर्देशों को अपने क्रू-प्लानिंग प्रोसीजर में शामिल कर लिया है। वहीं, चेक गणराज्य की सबसे बड़ी एयरलाइन स्मार्टविंग्स (Smartwings) ने भी कहा है कि वह इजरायल के इन नियमों का पालन करेगी, हालांकि फिलहाल उसके क्रू असाइनमेंट पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है।

​किन 31 देशों के क्रू पर लगा है प्रतिबंध?

एयर फ्रांस द्वारा इजरायली निर्देशों के तहत जिन देशों के पायलटों और क्रू सदस्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी सूची में निम्नलिखित देश शामिल हैं:

​अफगानिस्तान

​अल्जीरिया

​सऊदी अरब

​बांग्लादेश

​ब्रुनेई

​कोलंबिया

​कोमोरोस

​कॉर्डे डु नीड (Côte du Nord / संबंधित क्षेत्र)

​क्यूबा

​जिबूती (Djibouti)

​इंडोनेशिया

​इराक

​ईरान

​कुवैत

​लीबिया

​मलेशिया

​मालदीव

​माली

​मॉरिटानिया

​निकारागुआ

​नाइजर

​ओमान

​पाकिस्तान

​कतर

​सोमालिया

​सूडान

​सीरिया

​ट्यूनीशिया

​वेनेजुएला

​यमन

​लेबनान (Liban)

​क्यों उठाया गया यह कदम? (फ्लाईदुबई की घटना)

यह पूरा विवाद और कड़े प्रतिबंध 30 सितंबर 2026 को ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की एक फ्लाइट में हुई दहला देने वाली घटना के बाद सामने आए हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उस उड़ान के दौरान ओमानी सह-पायलट (को-पायलट) हमाम अल हम्मामी ने कथित तौर पर मुख्य भारतीय पायलट स्मित मछार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) करने की कोशिश की थी।

​इस दौरान विमान अचानक हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा था। हालांकि, भारतीय पायलट स्मित मछार की सूझबूझ और असाधारण जांबाजी के चलते विमान में सवार 170 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई थी। बाद में बैकअप पायलटों की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित लैंड कराया था। इस घटना के बाद से ही विमानन सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं और इसी के मद्देनजर इजरायली अधिकारियों ने संवेदनशील उड़ानों के लिए क्रू की पृष्ठभूमि को लेकर यह सख्त पाबंदियां लागू की हैं।

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