बायोमेट्रिक और स्मार्ट लॉक क्यों हो जाते हैं फेल? जानिए क्या रखें सावधानियां
बायोमेट्रिक और स्मार्ट लॉक क्यों हो जाते हैं फेल? जानिए क्या रखें सावधानियां
इन दिनों घरों, दफ्तरों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा के लिहाज से बायोमेट्रिक और स्मार्ट डोर लॉक लगवाने का चलन तेजी से बढ़ा है। हालांकि, हाल ही में कई जगहों में भीषण आग की घटना ने इन आधुनिक तालों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, क्योंकि जांच में यह बात सामने आई कि वहां लगे बायोमेट्रिक और स्मार्ट लॉक आग की चपेट में आने के बाद काम करना बंद कर चुके थे।
आग लगने पर क्यों काम करना बंद कर देते हैं स्मार्ट लॉक?
इलेक्ट्रॉनिक सर्किट का फेल होना: बायोमेट्रिक या स्मार्ट लॉक बिजली, सेंसर और डिजिटल सर्किट पर काम करते हैं। पासवर्ड दर्ज करने पर मोटर या डिजिटल मैकेनिज्म दरवाजा खोलता है। आग लगने की स्थिति में अत्यधिक गर्मी के कारण इनके सर्किट जल सकते हैं, जिससे दरवाजे लॉक अवस्था में ही फंस जाते हैं।
बैटरी में खराबी: बिजली गुल होने की स्थिति में इन्हें एक्टिव रखने के लिए इनमें छोटी बैटरियां लगी होती हैं। आग की तीव्रता से बैटरी भी शॉर्ट सर्किट या डैमेज हो सकती है।
मैनुअल विकल्प का अभाव: आधुनिक तालों में सुरक्षा के साथ-साथ कई बार लोग आपातकालीन स्थिति में दरवाजे खोलने के लिए जरूरी मैनुअल तरीकों (जैसे चाबी या अंदर से खुलने वाला मैकेनिकल लीवर) को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे विकट परिस्थिति में बाहर निकलना असंभव हो जाता है।
क्या स्मार्ट लॉक लगवाना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, बायोमेट्रिक या स्मार्ट लॉक तकनीक अपने आप में असुरक्षित नहीं है, बशर्ते इसे सही तरीके से और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर इंस्टॉल किया जाए। दुखद घटनाएं अक्सर तब होती हैं जब लोग केवल डिजिटल सुरक्षा पर निर्भर हो जाते हैं और इमरजेंसी एग्जिट के पारंपरिक विकल्पों को बंद कर देते हैं। अधिकांश अच्छी कंपनियों के स्मार्ट लॉक में बैटरी बैकअप और मैकेनिकल की (चाबी) का विकल्प होता है।
स्मार्ट डोर लॉक लगवाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
यदि आप भी अपने घर या ऑफिस में बायोमेट्रिक या स्मार्ट लॉक लगवाने जा रहे हैं, तो इन जरूरी बातों का विशेष ख्याल रखें:
मैनुअल ओवरराइड (Manual Override): हमेशा ऐसा स्मार्ट लॉक चुनें जिसमें डिजिटल सिस्टम फेल होने पर भी चाबी या मैनुअल नॉब/बटन से दरवाजा खोलने का विकल्प मौजूद हो।
इमरजेंसी रिलीज मैकेनिज्म: लॉक ऐसा होना चाहिए जिसे अंदर से बिना बिजली या पासवर्ड के केवल एक पुश या लीवर खींचकर आसानी से खोला जा सके।
फायर-रेसिस्टेंट सर्टिफिकेशन: हमेशा प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले ब्रांड्स के लॉक ही लगाएं, जो आपातकालीन परिस्थितियों और तापमान में बदलाव को झेलने में सक्षम हों।
बैटरी और पावर बैकअप: लॉक में कम बैटरी होने पर समय-समय पर अलर्ट देने का फीचर होना चाहिए, साथ ही पावर फेलियर की स्थिति में एक्सटर्नल चार्जिंग पोर्ट की सुविधा भी होनी चाहिए।

