तुर्की के तट पर मिला दुनिया का सबसे पुराना डूबा हुआ जहाज, कांस्य युग के ‘टाइम कैप्सूल’ जैसी रहस्यमयी खोज
तुर्की के तट पर मिला दुनिया का सबसे पुराना डूबा हुआ जहाज, कांस्य युग के ‘टाइम कैप्सूल’ जैसी रहस्यमयी खोज
अंकारा:
तुर्की के तट के पास पुरातत्वविदों को दुनिया का सबसे पुराना डूबा हुआ जहाज़ मिला है, जिसे इतिहास और पुरातात्विक दृष्टि से एक बहुत बड़ी खोज माना जा रहा है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस जहाज की उम्र 4,400 से 4,700 साल के बीच आंकी गई है—यानी यह उस दौर का है जब मिस्र में ‘ग्रेट पिरामिड’ का निर्माण किया जा रहा था। सबसे हैरानी की बात यह है कि हजारों साल बीत जाने के कारण जहाज़ का लकड़ी का ढांचा तो पूरी तरह नष्ट हो चुका है, लेकिन समुद्र की तलहटी में इसके अवशेष किसी ‘टाइम कैप्सूल’ की तरह सुरक्षित मिले हैं।
जहाज से जुड़े मुख्य तथ्य और विशेषताएं:
ऐतिहासिक काल: यह डूबा हुआ जहाज शुरुआती कांस्य युग (Early Bronze Age) का है। इससे पहले सबसे पुराने डूबे हुए जहाज का रिकॉर्ड ग्रीस के डोकॉस द्वीप के पास मिले जहाज (लगभग 4,200 साल पुराना) के नाम था।
लंबाई और मार्ग: पुरातत्वविदों का अनुमान है कि यह लगभग 10 मीटर लंबा व्यापारिक जहाज था, जिसने भूमध्य सागर के पूर्वी तट के पास से यात्रा शुरू की थी। यह जहाज संभवतः प्राचीन शहर ट्रॉय या क्रीट के मिनोअन लोगों के लिए सामान लेकर जा रहा था।
ढलान पर बिखरा मलबा: तुर्की के अंताल्या में केकोवा द्वीप के पास यह मलबा समुद्र की सतह से लगभग 30 मीटर नीचे एक ढलान पर बिखरा हुआ मिला है।
मिट्टी के बर्तन और अंदर मिले अवशेष
चूंकि जहाज की लकड़ी का कोई अंश नहीं बचा था, इसलिए इसकी उम्र का पता लगाने के लिए पुरातत्वविदों ने जहाज़ में लदे ‘एम्फोरा’ (मिट्टी के बड़े जार या बर्तन) के आकार और डिजाइनों का विश्लेषण किया।
मौके से पत्थर के तीन बड़े लंगर और 30 से ज्यादा प्राचीन एम्फोरा मिले हैं।
इन बर्तनों की बनावट मिस्र और मध्य पूर्व में मिले शुरुआती कांस्य युग के बर्तनों से मेल खाती है।
गोताखोरों द्वारा जब इन बर्तनों को पानी के बाहर निकाला गया, तो यह देखकर आश्चर्य हुआ कि कई जार साबुत थे और उनके अंदर गाढ़ा, चमकदार अवशेष (सामग्री) सुरक्षित बचा हुआ था। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसमें जैतून का तेल, वाइन या पेड़ों की राल (रेज़िन) हो सकती है, जिसका इस्तेमाल उस दौर के व्यापारी किया करते थे।
नया म्यूज़ियम बनेगा ठिकाना
तुर्की के संस्कृति मंत्रालय ने इस मलबे और इससे जुड़ी सभी पुरावशेषों को अपने संरक्षण में ले लिया है। संस्कृति मंत्री मेहमत नूरी एरसोय ने जानकारी दी है कि बरामद की गई इन ऐतिहासिक वस्तुओं को अंताल्या में जल्द खुलने वाले नए ‘मेडिटेरेनियन अंडरवाटर आर्कियोलॉजी म्यूज़ियम’ में आम जनता और शोधकर्ताओं के प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा। केकोवा तट की यह खोज प्राचीन समुद्री व्यापार और मानव इतिहास के कई अनछुए पहलुओं से पर्दा उठा रही है।

