पश्चिम बंगाल: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमला, टीएमसी ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस पर उठाए गंभीर सवाल
पश्चिम बंगाल: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमला, टीएमसी ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस पर उठाए गंभीर सवाल
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर कथित तौर पर हमले की एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि एक महिला ने धारदार हथियार (चाकू) से उन पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, सतर्कता बरतते हुए उस महिला को तुरंत दबोच लिया गया। इस मामले को लेकर टीएमसी ने कालीघाट पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घर के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान हुई घटना
तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन और पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह घटना ममता बनर्जी के आवास के बाहर उस वक्त घटी जब वह शाम को मीडिया से बातचीत करने के लिए बाहर आई थीं। उसी दौरान एक महिला अचानक उनके करीब आ गई और धारदार हथियार से उन पर हमला करने की कोशिश की।
कौन है आरोपी महिला?
टीएमसी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी महिला की पहचान तनिष्ठा साहा के रूप में बताई गई है, जो कथित तौर पर एक सिविल वॉलेंटियर है। टीएमसी प्रवक्ता नीलांजन दास ने सोशल मीडिया पर पुलिस को भेजी गई शिकायत का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए दावा किया है कि आरोपी महिला नशे की हालत में थी। वह लगातार गाली-गलौज कर रही थी और खुद को ममता बनर्जी की भतीजी बताकर जबरन उनके पास जाने का प्रयास कर रही थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमला करने के इरादे से वह सड़क पर लेट भी गई थी। पार्टी का यह भी कहना है कि इस महिला ने पहले भी ममता बनर्जी के घर के बाहर उनके खिलाफ नारेबाजी की थी।
टीएमसी ने राज्य सरकार और पुलिस व्यवस्था को घेरा
इस घटना के बाद टीएमसी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ‘जेड प्लस’ (Z+) सुरक्षा प्राप्त राज्य की तीन बार की मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के घर के दरवाजे तक एक हमलावर का इस तरह पहुंच जाना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
पूर्व सांसद और टीएमसी प्रवक्ता साकेत गोखले ने बंगाल के हालात पर चिंता जताते हुए कहा, “बंगाल के हालात ऐसे हैं कि यहां जेड प्लस सुरक्षा वाली और तीन बार की मुख्यमंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं। क्या यह कोई सोची-समझी साजिश थी?” टीएमसी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी संदेह जताते हुए इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

