राजनीति

चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, परिसीमन और शिक्षा नीतियों को लेकर साधा निशाना

चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, परिसीमन और शिक्षा नीतियों को लेकर साधा निशाना

​चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए परिसीमन प्रस्ताव के जरिए विशेष रूप से तमिलनाडु को निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने केंद्र पर शिक्षा नीतियों और परिसीमन के बहाने देश में नफरत, विभाजन और भाषाई वर्चस्व की राजनीति करने का आरोप लगाया।

​राहुल गांधी के संबोधन और केंद्र पर लगाए गए मुख्य आरोप:

​भाषा थोपने और शिक्षा नीति का विरोध: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के बहाने तमिलनाडु के स्कूलों का 3,300 करोड़ रुपये का फंड रोक दिया गया है, जो राज्य के शैक्षणिक अधिकारों पर सीधा हमला है।

​केंद्रीकरण और चिकित्सा शिक्षा: उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा लागू होने के बाद एमबीबीएस (MBBS) की सीटों में तमिल माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों की हिस्सेदारी में 87% की भारी गिरावट आई है।

​विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों का मुद्दा: राहुल गांधी ने दावा किया कि तमिलनाडु के 70% राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति (VC) के पद खाली हैं, क्योंकि राज्यपाल द्वारा उनकी नियुक्तियों को जानबूझकर रोका जा रहा है।

​परिसीमन प्रस्ताव पर निशाना: नए परिसीमन प्रस्ताव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से तमिलनाडु को सजा दी जा रही है और संसद में राज्य की आवाज तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

​तमिल संस्कृति और पहचान की रक्षा: पेरियार के विचारों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने छात्रों से सवाल पूछने और हर चीज का तार्किक विश्लेषण करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तमिल संस्कृति, भाषा, इतिहास और परंपराओं पर हमला करने नहीं देंगे।

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