उत्तराखंड

उत्तराखंड कांग्रेस में सियासी घमासान तेज, हरीश रावत के तीखे तेवर और अनुशासन के बीच नया विवाद

उत्तराखंड कांग्रेस में सियासी घमासान तेज, हरीश रावत के तीखे तेवर और अनुशासन के बीच नया विवाद

​उत्तराखंड की राजनीति में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (हरदा) के बयानों ने एक बार फिर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी, खुद पर लग रहे आरोपों और सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर खुलकर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे इस उम्र में भी संघर्ष करने से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

​हरीश रावत के बयान और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें:

​’झुक सकता हूँ, टूट नहीं सकता’: सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए हरीश रावत ने कहा कि वे राजनीतिक उठापटक और संघर्षों के बीच शून्य में मिल सकते हैं, लेकिन टूट नहीं सकते। उन्होंने खुद को विशुद्ध रूप से उत्तराखंडी, गढ़वाली और कुमाऊंनी बताते हुए याद दिलाया कि 2002 और 2012 के कठिन दौर में भी वे पूरी निष्ठा से पार्टी के साथ खड़े रहे थे।

​पार्टी हित और जिम्मेदारी पर दो टूक: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए हमेशा पार्टी का हित सर्वोपरि रहा है। उन्होंने विरोधियों और आंतरिक आलोचकों को संदेश देते हुए कहा कि जिस दिन उन्हें या पार्टी को यह महसूस होगा कि वे संगठन के लिए भार बन रहे हैं, वे बिना एक पल गंवाए घर बैठ जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इसका सही आकलन कौन करेगा ताकि कोई जल्दबाजी में गलत फैसला न ले।

​भाजपा के निशाने पर और केंद्रीय एजेंसियों का जिक्र: हरीश रावत ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पीछे सीबीआई और ईडी यूँ ही नहीं लगाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनकी छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर कई पेज समर्पित कर रखे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि इस उम्र में भी भाजपा उन्हें अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मानती है।

​पार्टी के भीतर गुटबाजी और ‘पूरक’ होने का बयान: हरदा ने दुख जताते हुए कहा कि जिन लोगों से उनका कोई मुकाबला ही नहीं है, वे भी उन्हें नीचा दिखाने और ‘लंगड़ी मारने’ की दौड़ में शामिल हैं। उन्होंने खुद को किसी का प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि सबका ‘पूरक’ (सप्लीमेंट) बताया और कहा कि जिनके पास फैसले लेने का अधिकार है, वे तय करें कि उनका उपयोग करना है या नहीं।

​सोशल मीडिया टिप्पणियों पर अनुशासन का डंडा: गौरतलब है कि दिल्ली में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा से मुलाकात और ‘धन्यवाद यात्रा’ के बाद सोशल मीडिया पर हरीश रावत और कुमारी शैलजा के समर्थकों के बीच तीखी टिप्पणियां और अनर्गल बयानबाजी शुरू हो गई थी। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष एवं विधायक विक्रम सिंह नेगी ने चेतावनी दी है कि वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और उल्लंघन करने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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