नाना पाटेकर के निधन से भावुक हुए शेखर सुमन, ‘शेखर टुनाइट’ का फिनाले किया रद्द; बोले- उनकी जगह कोई नहीं ले सकता
नाना पाटेकर के निधन से भावुक हुए शेखर सुमन, ‘शेखर टुनाइट’ का फिनाले किया रद्द; बोले- उनकी जगह कोई नहीं ले सकता
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के 8 अक्टूबर को निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। बॉलीवुड के कई सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके अभिनय और व्यक्तित्व को याद किया। इसी बीच अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन ने नाना पाटेकर को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने अपने शो ‘शेखर टुनाइट’ के पहले सीजन का फिनाले एपिसोड रद्द करने का फैसला किया है। नाना इस एपिसोड में बतौर आखिरी मेहमान शामिल होने वाले थे।
‘शेखर टुनाइट’ के आखिरी मेहमान बनने वाले थे नाना पाटेकर
शेखर सुमन ने बताया कि नाना पाटेकर उनके शो के पहले सीजन के फिनाले में शामिल होने वाले थे। अभिनेता ने खुद भी शो में आने की इच्छा जताई थी। हालांकि, एपिसोड की शूटिंग से पहले ही उनके निधन की खबर आ गई।
शेखर सुमन ने फैसला किया कि नाना की जगह किसी दूसरे मेहमान को बुलाकर शो का फिनाले नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, नाना की जगह कोई नहीं ले सकता। इसी वजह से उन्होंने सीजन का आखिरी एपिसोड रद्द कर इसे दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बनाया।
‘आपको हमें यूं छोड़कर नहीं जाना चाहिए था’
नाना पाटेकर को याद करते हुए शेखर सुमन ने भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि नाना को उनके सामने बैठना था, लेकिन अब यह मुलाकात कभी नहीं हो सकेगी। उन्हें अब भी इस खबर पर यकीन करना मुश्किल लग रहा है।
शेखर ने कहा कि उन्होंने कल्पना की थी कि दोनों शो में साथ बैठकर हंसेंगे, बातचीत करेंगे और नाना अपने बेबाक अंदाज में सवालों के जवाब देंगे। उन्हें उम्मीद थी कि इस मुलाकात में जिंदगी और पुराने दिनों से जुड़ी कई बातें होंगी। लेकिन अब वह कुर्सी खाली रहेगी और यह खालीपन बहुत कुछ कहेगा।
‘नाना सिर्फ अभिनेता नहीं, एक अलग ही ताकत थे’
शेखर सुमन ने अपने संदेश में नाना पाटेकर के व्यक्तित्व की भी तारीफ की। उन्होंने लिखा कि नाना केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे जो बिना किसी दिखावे के अपनी बात कहते और अपने अंदाज में जिंदगी जीते थे।
शेखर के मुताबिक, नाना के व्यक्तित्व में गुस्सा, हास्य, मस्ती, भावुकता, बगावत और सबसे बढ़कर सच्चाई थी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने असली व्यक्तित्व को बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन नाना हमेशा अपनी अलग पहचान के साथ खड़े रहे।
‘कई बार किसी को बताने का मौका नहीं मिलता कि वह कितना खास है’
शेखर सुमन ने जिंदगी की अनिश्चितता का जिक्र करते हुए लिखा कि लोग अक्सर यह मानकर चलते हैं कि किसी से दोबारा बात करने, मिलने या साथ वक्त बिताने का मौका जरूर मिलेगा। लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नाना पाटेकर को इस बात का एहसास रहा होगा कि लोग उनसे कितना प्यार करते थे और उनका कितना सम्मान करते थे। शेखर ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां नाना के अभिनय, संवादों और दमदार आवाज को याद रखेंगी। उनके करीबी लोग उन्हें एक ऐसे इंसान के रूप में भी याद करेंगे, जिसने दूसरों के लिए खुद को बदलने से इनकार किया।
अपने संदेश के अंत में शेखर सुमन ने लिखा कि ‘शेखर टुनाइट’ का पहला सीजन नाना की आवाज के साथ खत्म होना था, लेकिन अब यह उनकी खामोशी के साथ समाप्त होगा। उन्होंने अभिनेता को अलविदा कहते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि उनकी जगह हमेशा बनी रहेगी।

