राजनीति

INDIA गठबंधन का दोहरा मोर्चा: अंदर राहुल समेत 10 नेताओं की राष्ट्रपति से मुलाकात, बाहर प्रियंका गांधी की अगुवाई में धरना

कांग्रेस की अगुवाई में INDIA गठबंधन ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को लगातार चौथे दिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, SIR की प्रक्रिया रद्द करने और अन्य मांगों पर कार्रवाई की अपील की गई।

राहुल गांधी समेत 10 नेता प्रतिनिधिमंडल में शामिल

राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, माकपा महासचिव एमए बेबी और भाकपा महासचिव डी राजा शामिल रहे।

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले, राजद सांसद मनोज झा और तमिलनाडु के नेता टी. तिरुमावलवन भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।

विजय चौक पर प्रियंका गांधी की अगुवाई में धरना

राष्ट्रपति भवन में प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के दौरान विपक्ष के अन्य सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए। प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सांसदों ने नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शन में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा और अभिषेक बनर्जी सहित कई नेता शामिल हुए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, रंजीत रंजन और रेणुका चौधरी भी प्रदर्शन में मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारी सांसदों ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति उनकी मांगों पर ध्यान देंगी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के संबंध में उचित कार्रवाई करेंगी।

राहुल गांधी का दावा- विपक्ष के प्रदर्शन से सरकार पर दबाव

इससे पहले INDIA गठबंधन के सांसदों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुद्दा एक बड़ी समस्या का हिस्सा है और इसके समाधान के लिए मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी है।

राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले तीन-चार दिनों से जारी विपक्ष के विरोध प्रदर्शन ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष इसी तरह एकजुट होकर अपना दबाव बनाए रखता है, तो सरकार गिर सकती है।

‘ज्ञानेश कुमार से कहीं बड़ी समस्या है’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘सर्विस प्रोवाइडर’ बताया। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार में यह कहने का साहस है कि वह जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह ऐसी लड़ाई है, जिसके लिए संघर्ष करना सार्थक है। विपक्षी सांसदों से अपना आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “यदि हम पिछले तीन-चार दिनों की तरह अपना दबाव बनाए रखते हैं, तो मैं गारंटी देता हूं कि यह सरकार गिर जाएगी।”

हालांकि, सरकार गिरने को लेकर राहुल गांधी का बयान उनका राजनीतिक दावा है। INDIA गठबंधन का आंदोलन SIR की प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर केंद्रित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *