दिल्ली पुलिस की साइबर निगरानी तेज, ‘सहयोग’ ऐप के जरिए आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के आदेश
दिल्ली पुलिस की साइबर निगरानी तेज, ‘सहयोग’ ऐप के जरिए आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के आदेश
10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन गतिविधियों पर अपनी निगरानी बेहद कड़ी कर दी है। पुलिस के साइबर क्राइम मॉनिटरिंग डिपार्टमेंट द्वारा सोशल मीडिया पर सख्त शिकंजा कसा जा रहा है।
साइबर निगरानी और ‘सहयोग’ ऐप से जुड़ी मुख्य बातें:
’सहयोग’ ऐप के जरिए बंपर टेकडाउन ऑर्डर: पिछले एक हफ्ते में दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम मॉनिटरिंग डिपार्टमेंट ने ‘सहयोग’ ऐप के माध्यम से कम से कम 200 टेकडाउन ऑर्डर जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह सामान्य साप्ताहिक औसत (लगभग 40 ऑर्डर) से करीब पांच गुना ज्यादा है।
किन पोस्ट को बनाया जा रहा है निशाना: ये आदेश मुख्य रूप से उन सोशल मीडिया पोस्ट और सामग्री से जुड़े हैं, जिन्हें अधिकारियों ने सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) के लिए संभावित खतरा माना है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरकार, दिल्ली पुलिस और अन्य प्रमुख सरकारी संस्थानों की आलोचना करने वाली ऑनलाइन पोस्ट को भी इन ऑर्डर्स के दायरे में रखा गया है।
’सहयोग’ पोर्टल की कार्यप्रणाली: ‘सहयोग’ पोर्टल को गृह मंत्रालय के ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (I4C) के तहत विकसित किया गया है। यह अधिकृत एजेंसियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल मध्यस्थों को आपत्तिजनक सामग्री हटाने या उसका एक्सेस ब्लॉक करने का अनुरोध भेजने की अनुमति देता है। संयुक्त पुलिस आयुक्तों (Joint CPs) के पास इस ऐप के जरिए ऐसे निर्देश जारी करने का अधिकार है।
बढ़ती सुरक्षा और राजनीतिक हलचल: यह डिजिटल कार्रवाई ऐसे समय पर तेज हुई है जब राजधानी में CJP के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

