दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच चक्रवाती गतिविधियों से देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम में बड़ा बदलाव
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच चक्रवाती गतिविधियों से देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम में बड़ा बदलाव
देशभर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का सिलसिला जारी है, लेकिन इस बीच सक्रिय चक्रवाती गतिविधियों और कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के प्रभाव से कई राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 3 से 5 दिनों के दौरान उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के 14 राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम के ताजा अपडेट और बारिश के अनुमान से जुड़ी मुख्य बातें:
उत्तराखंड और उत्तर भारत में बारिश के आसार: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब-हरियाणा के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे पहाड़ी जिलों में भारी बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा (विशेषकर केदारनाथ और बद्रीनाथ) के यात्रियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून का सक्रिय होना: बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से अक्टूबर के दूसरे हफ्ते के बाद दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून (Northeast Monsoon) के पूरी तरह सक्रिय होने के आसार हैं, जिससे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
बिहार-झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्य: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में 9 से 11 अक्टूबर के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी 14 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मानसून की विदाई की स्थिति: IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून पहले ही विदा हो चुका है। गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा के शेष हिस्सों से भी 8 अक्टूबर तक मानसून पूरी तरह लौट चुका है।

