दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का उत्तराखंड से था गहरा लगाव, देवभूमि में घर बनाने की थी अधूरी इच्छा
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का उत्तराखंड से था गहरा लगाव, देवभूमि में घर बनाने की थी अधूरी इच्छा
हिंदी सिनेमा के महान और बेबाक अभिनेता नाना पाटेकर का गत 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में 75 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया है। उनके निधन से जहां पूरा देश और फिल्म जगत शोक में डूबा है, वहीं उत्तराखंड के साथ उनके विशेष जुड़ाव और प्रेम की यादें भी एक बार फिर ताजा हो गई हैं।
उत्तराखंड से नाना पाटेकर के जुड़ाव और यादों से जुड़ी मुख्य बातें:
उत्तराखंड में घर बनाने की इच्छा: उत्तराखंड की शांत वादियों, प्राकृतिक सुंदरता और यहां के लोगों की सादगी से नाना पाटेकर बेहद प्रभावित थे। 1 अक्टूबर 2022 को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के दौरान उन्होंने देवभूमि में एक घर बनाने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि, उनके आकस्मिक निधन के बाद उनका यह सपना अधूरा ही रह गया।
जोशीमठ और नीती घाटी में शूटिंग: नाना पाटेकर अपनी फिल्मों की शूटिंग के सिलसिले में कई बार उत्तराखंड आए थे। वे चमोली जिले के प्रसिद्ध जोशीमठ और नीती घाटी क्षेत्र में एक मराठी फिल्म की शूटिंग के लिए करीब नौ दिनों तक रहे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों से मिलना और यहां की शांति का अनुभव करना उनके दिल में बस गया था।
ऋषिकेश में गंगा आरती: अपनी यात्राओं के दौरान वे आध्यात्मिक पलों से भी जुड़े रहे। सितंबर 2022 में उन्होंने ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में पहुंचकर भव्य गंगा आरती में हिस्सा लिया था और अपने इस अनुभव को साझा किया था।
सिनेमा में अमिट छाप: ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘प्रहार’, ‘खामोशी’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी शानदार फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 2013 में ‘प्रीमियम पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया था। उनका देवभूमि उत्तराखंड से यह जुड़ाव हमेशा उनकी यादों को जीवित रखेगा।

