दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर का पुणे में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बेटे मल्हार पाटेकर ने साझा की भावनाएं
दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर का पुणे में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बेटे मल्हार पाटेकर ने साझा की भावनाएं
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गोवा से उनके पैतृक राज्य महाराष्ट्र लाया गया, जहां गुरुवार रात पुणे जिले के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। महाराष्ट्र सरकार की ओर से उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
अंतिम संस्कार और बेटे मल्हार पाटेकर के बयान से जुड़ी मुख्य बातें:
रात में अंतिम संस्कार की वजह: अभिनेता के बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि गोवा से पार्थिव शरीर को पुणे के फार्महाउस तक लाने में काफी समय बीत गया था। शव को अधिक समय तक सुरक्षित रखना उचित नहीं था, इसलिए परिवार को सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
सामाजिक कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाना: मल्हार पाटेकर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि महान लोग कभी नहीं जाते, वे अपने कर्मों से हमेशा जीवित रहते हैं। नाना पाटेकर हमेशा लोगों की मदद करने और दुनिया को बेहतर बनाने की बात करते थे। उनका सामाजिक कार्य महाराष्ट्र से लेकर जम्मू-कश्मीर तक शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में फैला हुआ है।
भविष्य की जिम्मेदारियां: मल्हार ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पिता ने पहले ही योग्य लोगों को इन सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी थी। वह यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके पिता के अधूरे सपने और समाज सेवा के कार्य पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाए जाएं।

