जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों का प्रदर्शन, राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में
जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों का प्रदर्शन, राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के नेताओं का विरोध प्रदर्शन बुधवार को उग्र हो गया। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया है, जब वे जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और गिरफ्तारी से जुड़े मुख्य बिंदु:
नेताओं की हिरासत और राहुल गांधी का कड़ा संदेश: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर बसों में बैठाया। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, सीईसी ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत चाहे जो कर लें, लेकिन वे इन सभी को न्याय के कटघरे में लाकर रहेंगे। उन्होंने इसे सरकार की घबराहट और डर का परिणाम बताया।
प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों का विरोध: प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी सुरक्षाकर्मियों की भारी मौजूदगी के बीच सड़क पर लेट गईं और चुनाव आयोग से मिलने की अनुमति मिलने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और रेणुका चौधरी ने भी पुलिस की कार्रवाई और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की।
कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर और सवाल: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या देश में सार्वजनिक स्थानों पर जाना, शांतिपूर्ण धरना देना या विरोध मार्च निकालना गैरकानूनी हो गया है। इससे पहले, मंगलवार को आकाशवाणी भवन के बाहर नौ घंटे से अधिक समय तक धरना देने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य “100 प्राथमिकी” का है।

