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पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 13 नौसेना कर्मियों समेत 18 संदिग्धों की जांच शुरू

पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 13 नौसेना कर्मियों समेत 18 संदिग्धों की जांच शुरू

​भारतीय नौसेना और देश की रक्षा से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील जानकारियों को चुराने और पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का पता लगाने के लिए एक बड़ा काउंटर-इंटेलिजेंस ऑपरेशन शुरू किया गया है। आंध्र प्रदेश काउंटर-इंटेलिजेंस (CI) सेल की 12 विशेष टीमें देश के 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इस संयुक्त अभियान में स्थानीय पुलिस, एंटी-टेरर यूनिट और नौसेना के अधिकारी भी पूरा सहयोग दे रहे हैं।

​ऑपरेशन से जुड़े मुख्य बिंदु:

​जांच के दायरे में 18 संदिग्ध: इस पूरे मामले में कुल 18 लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है, जिनमें 13 नौसेना कर्मी भी शामिल हैं। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि ये सभी किसी बड़े और संगठित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थे या नहीं।

​मुख्य आरोपी नौसेना कर्मी गिरफ्तार: जांच के केंद्र में 31 साल का नौसेना कर्मी प्रदीप मुखर्जी है, जिसे कोयंबटूर में ‘INS अग्रानी’ में ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान गिरफ्तार किया गया। वह साल 2014 में नौसेना में शामिल हुआ था और विशाखापत्तनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड में तैनात था। उस पर पाकिस्तानी एजेंटों को रक्षा प्रतिष्ठानों की गोपनीय जानकारियां लीक करने का आरोप है।

​कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर भी गिरफ्तार: CI सेल ने विशाखापत्तनम में नौसेना अधिकारियों के सिविलियन कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर अन्नम साई वरप्रसाद को भी गिरफ्तार किया है। उस पर संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों को बेचने का गंभीर आरोप है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

​हनी-ट्रैप और एन्क्रिप्टेड चैट का एंगल: जांच एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए हुए कथित ‘हनी-ट्रैप’ मामले की भी गहराई से जांच कर रही हैं। शक है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़ी एक महिला इन कर्मियों के संपर्क में थी। संदिग्धों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों (PIOs) के बीच एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए हुई बातचीत, डिजिटल गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इसके अलावा, एक नौसेना कर्मी द्वारा व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करने के लिए पाकिस्तानी एजेंट के साथ ओटीपी (OTP) साझा करने के आरोप की भी पड़ताल हो रही है।

​व्यापक स्तर पर छापेमारी: इस काउंटर-इंटेलिजेंस ऑपरेशन के तहत आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, दिल्ली, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और बिहार जैसे राज्यों में संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है।

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