अन्तर्राष्ट्रीय

दुबई से इजरायल जाने वाली Flydubai फ्लाइट में कैप्टन पर हमले की खौफनाक दास्तान, जान बचाने वाले डेंटिस्ट ने बयां किए 45 मिनट के संघर्ष के पल

अंतर्राष्ट्रीय समाचार: दुबई से इजरायल जाने वाली Flydubai फ्लाइट में कैप्टन पर हमले की खौफनाक दास्तान, जान बचाने वाले डेंटिस्ट ने बयां किए 45 मिनट के संघर्ष के पल

​बीती 30 सितंबर को दुबई से इजरायल (तेल अवीव) जाने वाली Flydubai की एक फ्लाइट के दौरान हुए सनसनीखेज हादसे के नए और डरावने खुलासे सामने आए हैं। इस उड़ान के दौरान को-पायलट द्वारा किए गए हमले में लहूलुहान हुए कैप्टन स्मित मच्छार की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले डेंटिस्ट ने उस खौफनाक अनुभव को साझा किया है।

​डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव द्वारा बयां किया गया आंखों देखा हाल:

​45 मिनट की जान बचाने की जद्दोजहद: पेशे से डेंटिस्ट और घटना के समय फ्लाइट में मौजूद डॉ. शोता मुसायेव (47) ने ‘द नेशनल’ के साथ बातचीत में बताया कि कैसे उन्होंने 45 मिनट तक खून से लथपथ कैप्टन को होश में रखने और उनकी जान बचाने के लिए संघर्ष किया। उन्हें डर था कि यदि जल्दी कुछ नहीं किया गया तो समय हाथ से निकल जाएगा।

​सिर और हाथ पर गंभीर घाव: डॉ. मुसायेव ने बताया कि कैप्टन मच्छार के सिर और बाएं हाथ से अत्यधिक खून बह रहा था। खून रोकने के लिए उन्होंने पहले अपनी टी-शर्ट का इस्तेमाल करके घावों को दबाया, और रक्तस्राव नियंत्रित न होने पर फ्लाइट के अटेंडेंट्स से बर्फ मांगकर उसका उपयोग किया।

​कैप्टन को होश में रखने के प्रयास: विमान के गलियारे की संकरी जगह पर बैठकर डॉक्टर लगातार कैप्टन से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा, ‘प्लीज सोइए मत, हमें आपकी जरूरत है।’ मैंने उनके बच्चों के नाम पूछे और उन्हें ढांढस बंधाया कि डरो मत, तुम अपने परिवार के पास जाओगे, हम जल्द ही लैंड करने वाले हैं।”

​घटना की पृष्ठभूमि और जांच:

​को-पायलट का हमला: रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भयावह घटना को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि विमान का को-पायलट था, जिसने कॉकपिट में रखे इमरजेंसी क्रैश एक्स (नुकीले हथियार) से कैप्टन पर हमला कर दिया था और विमान को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की थी।

​सऊदी अरब में हुई लैंडिंग: इस आपातकालीन स्थिति के बाद विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया था।

​आधिकारिक जांच: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल हमद अल शम्सी ने पुष्टि की है कि 30 सितंबर को हुई इस गंभीर सुरक्षा घटना की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *