फुटबॉल के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, अर्जेंटीना के लिए खेला आखिरी मुकाबला
फुटबॉल के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, अर्जेंटीना के लिए खेला आखिरी मुकाबला
फुटबॉल जगत के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी और फेयरवेल मुकाबला ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मास मोनुमेंटल स्टेडियम में बेनिन के खिलाफ खेला। इस ऐतिहासिक विदाई मैच को ‘द लास्ट टैंगो’ नाम दिया गया था। अपने आखिरी इंटरनेशनल मुकाबले में भी मेसी शानदार लय में नजर आए और उन्होंने एक गोल करने के साथ-साथ दो बेहतरीन असिस्ट भी किए।
फेयरवेल मैच से जुड़ी मुख्य बातें:
मैदान पर शानदार प्रदर्शन: मुकाबले के दौरान मेसी ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए दूसरे हाफ में निकोलस ओटामेंडी को गोल करने में मदद की, जिससे अर्जेंटीना ने बढ़त बनाई। इसके बाद 61वें मिनट में निको पाज ने दूसरा गोल दागा।
मेसी का ऐतिहासिक गोल: मुकाबले के 71वें मिनट में जब अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली, तो मेसी ने दमदार शॉट के साथ टॉप राइट कॉर्नर में गोल दागकर अपना और देश का तीसरा गोल किया।
शानदार इंटरनेशनल करियर: मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपने करियर में कुल 208 मुकाबले खेले, इस दौरान उन्होंने 126 गोल दागे और 69 असिस्ट किए। गौरतलब है कि मेसी ने 31 अगस्त, 2026 को इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान किया था, जिसके बाद अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन के आग्रह पर उन्होंने यह आखिरी विदाई मैच खेला।
भव्य विदाई और सम्मान कार्यक्रम:
दर्शकों और परिवार की मौजूदगी: अपने स्टार खिलाड़ी को अर्जेंटीना की जर्सी में आखिरी बार देखने के लिए पूरा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। मैच को देखने के लिए फीफा वर्ल्ड कप 2022 में अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने वाले खिलाड़ी और मेसी का परिवार भी स्टेडियम में मौजूद था।
विशेष सम्मान: मैच की शुरुआत से पहले रिवर प्लेट के अध्यक्ष द्वारा मेसी को क्लब की मानद सदस्यता, स्मृति पट्टिका और खास जर्सी भेंट कर सम्मानित किया गया। बेनिन की टीम ने भी उन्हें खास तोहफा दिया।
10वें मिनट का विशेष सम्मान: मैच के 10वें मिनट में मुकाबले को कुछ देर के लिए रोककर मेसी के सम्मान में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बेनिन के खिलाड़ियों ने भी उनसे हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया।
मैच समाप्त होने के बाद मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और दुनिया भर के फैंस भावुक नजर आए, जो फुटबॉल के इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत का गवाह बने।

