चुनाव आयोग और SIR वोटर लिस्ट विवाद पर राहुल गांधी का मार्च, भाजपा ने 6 घंटे में की तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस
चुनाव आयोग और SIR वोटर लिस्ट विवाद पर राहुल गांधी का मार्च, भाजपा ने 6 घंटे में की तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लुटियंस जोन में चुनाव आयोग और SIR (Special Intensive Revision/voter list) के मुद्दों को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे और चुनाव आयोग की इमारत की ओर मार्च किया, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस बीच, इस नैरेटिव की जंग में पीछे न रहने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मात्र 6 घंटे के भीतर तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डालीं।
राजनीतिक हलचल से जुड़े मुख्य बिंदु:
विपक्ष का विरोध प्रदर्शन: राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाला। विपक्ष का आरोप है कि SIR के तहत बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट से नाम काटे जा रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग की इमारत में प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया, जिसके बाद वहां भारी गहमागहमी और अखाड़े जैसा माहौल बन गया।
भाजपा का आक्रामक पलटवार (6 घंटे में तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस): मीडिया में विपक्षी नैरेटिव को काटने के लिए भाजपा ने ताबड़तोड़ मोर्चा संभाला:
सुबह 10 बजे: संबित पात्रा ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि एक समय खुद कांग्रेस ने डुप्लिकेट और मृत वोटरों के लिस्ट में होने की बात उठाई थी, और अब वे ही इसका विरोध कर रहे हैं।
दोपहर 1 बजे: सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया के सामने आकर राहुल गांधी को ‘कामचोर’ करार दिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के चुनाव नतीजे इसलिए खराब आते हैं क्योंकि राहुल गांधी ने कभी मेहनत नहीं की और वे अपनी कामचोरी को अब “वोटचोरी” का नाम दे रहे हैं।
शाम के वक्त: प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राहुल ने पुलिस द्वारा महिला पत्रकार से बदसलूकी का झूठा आरोप लगाया था, जबकि दिल्ली पुलिस के खुलासे के मुताबिक वह वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से नदीम अहमद नामक क्रिएटर द्वारा तैयार किया गया फर्जी वीडियो था।
भाजपा के आरोप: भाजपा ने कांग्रेस और उसके इको-सिस्टम पर झूठे नैरेटिव के जरिए देश के लोकतंत्र में अराजकता फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है।

