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2036 ओलंपिक और पैरालंपिक गेम्स: मेजबानी की दौड़ में भारत का अगला कदम, IOC ने जारी की चयन प्रक्रिया की हैंडबुक

2036 ओलंपिक और पैरालंपिक गेम्स: मेजबानी की दौड़ में भारत का अगला कदम, IOC ने जारी की चयन प्रक्रिया की हैंडबुक

​अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) ने 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए होस्ट शहर चुनने का आधिकारिक रोडमैप और हैंडबुक जारी कर दी है। इसके साथ ही, इस ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी एक महत्वपूर्ण और अगले चरण में प्रवेश कर गई है। भारत उन सात इच्छुक देशों में शामिल है जो वर्तमान में इस वैश्विक संस्था के साथ निरंतर बातचीत कर रहे हैं।

​2036 ओलंपिक दावेदारी से जुड़े मुख्य बिंदु:

​इच्छुक देशों की सूची: IOC के अनुसार, भारत के अलावा जर्मनी, हंगरी, कतर, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, साउथ अफ्रीका और तुर्की भी 2036 ओलंपिक गेम्स की मेजबानी में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाते हुए बातचीत कर रहे हैं।

​भारत की औपचारिक पहल: भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने पिछले साल 1 अक्टूबर 2024 को ही IOC के ‘फ्यूचर होस्ट कमीशन’ को औपचारिक रूप से ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (Letter of Intent) भेजकर 2036 ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा जाहिर कर दी थी।

​IOC अध्यक्ष का बयान: IOC अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने कहा कि हर होस्ट देश अपनी संस्कृति और शैली से कुछ अनोखा पेश करता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर आयोजन में एथलीटों को केंद्र में रखा जाना चाहिए और उन्हें जीवन भर का बेहतरीन अनुभव मिलना चाहिए।

​चयन प्रक्रिया का रोडमैप और समय-सीमा:

​31 अक्टूबर 2026: नए इच्छुक पक्षों के जुड़ने की अंतिम समय-सीमा। इसके बाद 2036 ओलंपिक के लिए किसी नए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

​नवंबर 2026: इच्छुक देश ‘फ्यूचर होस्ट कमीशन’ के सामने वर्चुअल प्रेजेंटेशन देंगे।

​मार्च 2027: IOC का एग्जीक्यूटिव बोर्ड व्यवहार्यता का आकलन कर प्रक्रिया के अगले चरण के लिए इच्छुक देशों को शॉर्टलिस्ट करेगा और ‘स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ शुरू होगा।

​दिसंबर 2028: बोर्ड चुनिंदा पसंदीदा मेजबानों के साथ ‘टारगेटेड डायलॉग’ शुरू करेगा।

​2029 का मध्य: IOC सत्र में अंतिम वोटिंग होगी और 2036 ओलंपिक के मेजबान देश/शहर का आधिकारिक चुनाव किया जाएगा।

​किन पैमानों पर होगा मूल्यांकन?

​इच्छुक देशों के प्रोजेक्ट्स का आकलन कई तकनीकी और रणनीतिक मानकों पर किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से वेन्यू मास्टरप्लान, एथलीटों का अनुभव, फंडिंग की रणनीति, राजनीतिक व सार्वजनिक समर्थन, आयोजन क्षमता और दूरगामी विरासत (legacy) की योजनाएं शामिल हैं। यदि भारत यह मेजबानी हासिल करने में सफल रहता है, तो यह देश के खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।

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