पंजाब की हाई-प्रोफाइल शादी में बड़ा विवाद: ‘आप’ नेता ने पत्नी पर लगाया धोखाधड़ी और फर्जी पहचान का आरोप, 6 लोगों पर केस दर्ज
पंजाब की हाई-प्रोफाइल शादी में बड़ा विवाद: ‘आप’ नेता ने पत्नी पर लगाया धोखाधड़ी और फर्जी पहचान का आरोप, 6 लोगों पर केस दर्ज
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयुक्त सचिव, जिला परिषद सदस्य और मार्केट कमेटी सरहिंद के चेयरमैन अमरिंदर सिंह मंडोफल ने अपनी पत्नी और उसके परिवार पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जिस महिला ने खुद को अविवाहित और PCS अधिकारी बताकर उनसे शादी की थी, वह न सिर्फ पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां निकली, बल्कि शादी के कुछ महीने बाद घर से कीमती जेवरात लेकर भी फरार हो गई।
मामले से जुड़े मुख्य और चौंकाने वाले बिंदु:
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुई थी शादी: अमरिंदर सिंह मंडोफल और मनविंदर कौर की शादी फरवरी 2026 में बेहद धूमधाम से हुई थी। इस विवाह समारोह में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध समेत कई बड़े राजनीतिक दिग्गज शामिल हुए थे, जिसके चलते यह शादी काफी चर्चा में रही थी।
पहचान छुपाने और फर्जी दस्तावेजों का आरोप: ‘आप’ नेता की शिकायत के मुताबिक, शादी से पहले उन्हें बताया गया था कि युवती अविवाहित है और एक पीसीएस (PCS) अधिकारी है। लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह पहले से तलाकशुदा है और उसका लगभग 18 साल का एक बेटा भी है। महिला की उम्र और पहचान छिपाने के लिए दस्तावेजों में भी कथित तौर पर हेरफेर किया गया था।
जेवरात लेकर घर छोड़ने का आरोप: मंडोफल का कहना है कि सच्चाई सामने आने के कुछ समय बाद महिला घर छोड़कर चली गई और जाते वक्त अपने साथ घर से सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान भी समेट ले गई।
छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज: पीड़ित नेता की शिकायत पर फतेहगढ़ साहिब पुलिस स्टेशन में 5 अक्टूबर 2026 को एफआईआर नंबर 240 दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में महिला समेत कुल छह आरोपियों (मनविंदर कौर, उनके भाई तरलोचन सिंह, भाभी रुपिंदर कौर, मां वरिंदरजीत कौर, चचेरे भाई नरिंदर सिंह गोल्डी और पूर्व सरपंच सुरिंदर सिंह राणा) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी तरनतारन जिले के भिखीविंड थाना क्षेत्र के गांव सुरसिंह के रहने वाले हैं।
कानूनी धाराएं: पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं जैसे 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

