SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर गरमाई सियासत: चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के दावे का किया फैक्ट चेक
SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर गरमाई सियासत: चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के दावे का किया फैक्ट चेक
देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। सोमवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) समेत कई संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह पूरा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है, जहां शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है और मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई तय की गई है। इस बीच, चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए उनके दावे का आधिकारिक फैक्ट चेक जारी किया है।
चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण और फैक्ट चेक:
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी की मदद के लिए गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से ‘फॉर्म-6’ में बदलाव किए हैं।
इस पर चुनाव आयोग (ECI) ने कड़ा रुख अपनाते हुए राहुल गांधी के बयान को गुमराह करने वाला करार दिया है और स्पष्ट किया है:
बिहार में एसआईआर (SIR) के संबंध में 24 जून 2025 को जारी किया गया आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से पारित हुआ था, जिसे भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में सही ठहराया है।
चुनाव आयोग ने अपने 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट (पॉइंट 1-iii) का हवाला देते हुए साफ किया कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ लगे घोषणा-पत्र को अदालत की स्वीकृति प्राप्त है, और राहुल गांधी का दावा तथ्यों से परे है।
कांग्रेस का देशव्यापी ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और आंदोलन:
विवाद बढ़ने के बीच कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए बड़े आंदोलनों की रूपरेखा तैयार कर ली है। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद निम्नलिखित बड़े फैसलों का ऐलान किया गया है:
एक महीने का विशेष अभियान: कांग्रेस 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी, जिसके तहत बूथ स्तर पर घर-घर जाकर एसआईआर प्रक्रिया में काटे गए मतदाताओं के नाम एकत्रित किए जाएंगे।
संसद से चुनाव आयोग तक मार्च: कांग्रेस पार्टी कल संसद से लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
बड़ी रैलियां और यात्राएं: देश के विभिन्न हिस्सों में बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इसके तहत 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल महारैली होगी, जिसमें ‘इंडिया’ गठबंधन के तमाम नेता शिरकत करेंगे। इसके अलावा, संविधान दिवस की पृष्ठभूमि में 25 और 26 नवंबर को 6 अलग-अलग स्थानों से ‘दिल्ली चलो’ यात्रा का भी आगाज किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि आने वाले दिनों में एसआईआर और चुनावी सुधारों का यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक एक बड़ा राजनीतिक टकराव का केंद्र बनने वाला है।

