उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने जारी की 8 उम्मीदवारों की सूची, 7 सीटों पर जीत तय; एक सीट के लिए करनी होगी जोड़-तोड़
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने जारी की 8 उम्मीदवारों की सूची, 7 सीटों पर जीत तय; एक सीट के लिए करनी होगी जोड़-तोड़
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने 8 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। मौजूदा विधानसभा संख्याबल के आधार पर बीजेपी अपनी 7 सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर सकती है, जबकि 8वीं सीट पर कब्जा जमाने के लिए पार्टी को रणनीतिक जोड़-तोड़ करनी होगी।
भाजपा द्वारा घोषित उम्मीदवारों के नाम:
धर्मपाल सिंह
राधाकांत ओझा
प्रकाश पाल
विद्यासागर सोनकर
गोपी कृष्णा पांडे
प्रियंका सिंह रावत
राम प्रताप सिंह चौहान
श्रुति गंगवार
जातीय समीकरणों का रखा गया खास ख्याल:
आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए बीजेपी ने इस बार उम्मीदवारों के चयन में डाइवर्सिटी और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर दिया है। पार्टी ने अपनी सूची में 3 ओबीसी, 2 दलित, 2 ब्राह्मण और 1 ठाकुर समुदाय के प्रतिनिधि को टिकट दिया है, जिसमें महिला चेहरों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
विधानसभा का वर्तमान संख्याबल और जीत का गणित:
403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में कुल 397 विधायक हैं और 6 सीटें रिक्त हैं।
एनडीए गठबंधन: एनडीए के पास कुल 288 विधायक हैं। इसमें अकेले बीजेपी के 255, अपना दल (एस) के 14, रालोद के 9, सुभासपा के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक शामिल हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन: विपक्ष के पास कुल 103 विधायक हैं, जिनमें 101 विधायक समाजवादी पार्टी के हैं। इसके अलावा जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के 2 और 3 निर्दलीय विधायक भी हैं। (इन तीन निर्दलीय विधायकों में यूपी सरकार के खाद्य मंत्री मनोज कुमार पांडेय भी शामिल हैं, जो पहले सपा से जुड़े थे)।
नियम और आंकड़े:
यूपी में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए न्यूनतम 37 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से बीजेपी अपने 259 वोटों के बूते 7 सांसद आसानी से जिता लेगी, वहीं समाजवादी पार्टी अपने 74 विधायकों के समर्थन से 2 सीटें सुरक्षित निकाल सकती है। राजनीतिक गलियारों में अब सबकी नजरें 8वीं सीट पर टिकी हैं कि क्या मुकाबला दिलचस्प होगा या चुनाव निर्विरोध संपन्न होंगे।

