देश का सबसे प्रदूषित शहर बना नोएडा: अक्टूबर की शुरुआत में ही AQI पहुंचा 300 के पार, योगी और रेखा गुप्ता सरकार ने उठाए कड़े कदम
देश का सबसे प्रदूषित शहर बना नोएडा: अक्टूबर की शुरुआत में ही AQI पहुंचा 300 के पार, योगी और रेखा गुप्ता सरकार ने उठाए कड़े कदम
देशभर में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से चिंता का विषय बनता जा रहा है। नोएडा पिछले दो दिनों (रविवार और सोमवार) से देश का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही नोएडा का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आने वाले सर्दियों के महीनों (विशेषकर दिसंबर और जनवरी) को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
नोएडा के हालात और AQI के आंकड़े:
देश में शीर्ष पर नोएडा: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को नोएडा का औसत AQI 281 दर्ज किया गया था, जबकि सोमवार को यह 274 के आसपास बना हुआ है। इसके कई सेक्टरों में स्थिति बेहद गंभीर है।
सेक्टर-वार स्थिति:
रविवार: सेक्टर-125 का AQI 330 और सेक्टर-116 का AQI 323 दर्ज किया गया (यहाँ PM-10 का स्तर बढ़कर 420 से 500 तक पहुंच गया था)।
सोमवार: सेक्टर-116 में AQI बढ़कर 350 और सेक्टर-125 में 299 दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य पर असर: PM-10 के इस उच्च स्तर से आंखों, नाक और गले में जलन, सांस लेने में परेशानी तथा अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो गए हैं।
देश के पांच सबसे प्रदूषित शहर (AQI तुलना):
रविवार: नोएडा (281), सहरसा (268), बुलंदशहर (260), गजरौला (255), गाजियाबाद (248)।
सोमवार: नोएडा (274), बुलंदशहर (257), गजरौला (245), गाजियाबाद (233), मानेसर (226)।
दिल्ली में भी प्रदूषण का बढ़ता ग्राफ:
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। 1 अक्टूबर को जहां दिल्ली का AQI 166 था, वहीं 4 अक्टूबर को यह बढ़कर 187 पर पहुंच गया। सोमवार को दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों (जैसे द्वारका में 288, मुंडका में 257 और जहांगीरपुरी में 251) में AQI 250 के पार दर्ज किया गया।
सरकारों द्वारा उठाए गए कदम:
उत्तर प्रदेश सरकार: आने वाली चुनौतियों को भांपते हुए योगी सरकार ने कई जिलों में ‘नो पीयूसीसी, नो पेट्रोल-डीजल’ (बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के ईंधन नहीं) का सख्त नियम लागू कर दिया है और प्रशासनिक स्तर पर अन्य防त्मक उपाय किए जा रहे हैं।
दिल्ली सरकार: सर्दियों के गैस चैंबर जैसे हालात से निपटने के लिए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने भी पहले से कमर कस ली है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए वर्क फ्रॉम होम के विकल्पों से लेकर अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने जैसी घोषणाएं की गई हैं।

