उत्तराखंड कांग्रेस में घमासान: कुमारी सैलजा की रोक के बावजूद हरीश रावत ने जारी रखी ‘धन्यवाद यात्रा’, बेटी अनुपमा रावत और प्रीतम सिंह का मिला साथ
उत्तराखंड कांग्रेस में घमासान: कुमारी सैलजा की रोक के बावजूद हरीश रावत ने जारी रखी ‘धन्यवाद यात्रा’, बेटी अनुपमा रावत और प्रीतम सिंह का मिला साथ
उत्तराखंड की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह और सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (हरदा) की यात्रा पर रोक लगाए जाने के निर्देश के बावजूद, हरदा ने अपने तेवर सख्त रखते हुए कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी कर दिया है और मैदान में डटे हुए हैं।
विवाद और ताजा घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:
ईडी की कार्रवाई और हरदा की वापसी: गंभीर बीमारी से उबरने के बाद उत्तराखंड लौटे हरीश रावत के निजी सचिव और पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी से वे बेहद नाराज हैं। हरदा का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह के बावजूद, भाजपा और केंद्रीय एजेंसियों की इस “ललकार” के बाद वे घर पर चुप नहीं बैठ सकते थे।
कुमारी सैलजा की सख्त चिट्ठी: उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने हरीश रावत को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी कि बिना पीसीसी (PCC) अध्यक्ष और केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा किए राज्य में समानांतर यात्रा निकाली जा रही है। चुनाव के नजदीक होने के कारण उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को पार्टी हित के खिलाफ बताते हुए रोकने का अनुरोध किया था।
चिट्ठी को दरकिनार कर शेड्यूल जारी: सैलजा की इस चेतावनी का कोई असर होता नहीं दिखा। हरदा ने 5 अक्टूबर का अपना विस्तृत शेड्यूल सोशल मीडिया पर साझा करते हुए साफ कर दिया कि संकट के समय उनका साथ देने वाली जनता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए वे अपनी ‘धन्यवाद जनसंवाद यात्रा’ जारी रखेंगे।
पार्टी के भीतर समर्थन और नए समीकरण:
बेटी अनुपमा रावत का समर्थन: हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक और हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत खुले तौर पर अपने पिता के समर्थन में उतर आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि इस उम्र में भी जनता के लिए उनकी इच्छाशक्ति और आत्मबल पार्टी के लिए बड़ी विरासत है और राज्य से भाजपा को बाहर करने के लिए कांग्रेस का हर सिपाही उनके साथ है।
प्रीतम सिंह के साथ फोटो: हरीश रावत ने कांग्रेस के कद्दावर नेता और केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के सदस्य प्रीतम सिंह के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की है, जिसके बाद उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
हरीश रावत की दलील:
अपने बयानों में हरीश रावत ने स्पष्ट किया है कि वे कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं और राहुल गांधी के निर्देशों के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी के दौरान हजारों लोग उनसे मिलने आए थे और स्वस्थ होने पर जब उन्हें ईडी-सीबीआई के जरिए चुनौती मिली, तो वे उत्तराखंड की जनता का आभार जताने और इस चुनौती का सामना करने के लिए मैदान में उतरे हैं।
फिलहाल, कांग्रेस आलाकमान और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच इस बढ़ती तनातनी को शांत करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

