रुद्रपुर में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों का फूटा गुस्सा, हाईवे पर लगाया जाम
रुद्रपुर में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों का फूटा गुस्सा, हाईवे पर लगाया जाम
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में धान की सरकारी खरीद अब तक शुरू न होने के कारण किसानों का आक्रोश सड़क पर उतर आया है। गल्ला मंडी में धरने के बाद जिलेभर से जुटे किसानों ने एनएच (हाईवे) की एक साइड पर बैठकर जाम लगा दिया। किसानों का मुख्य आरोप है कि धान की कटाई शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं और बाजार में फसल की बड़ी आवक हो रही है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुचारू न होने के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन और मुख्य मांगें:
निजी व्यापारियों को कम कीमत पर बेचने की मजबूरी: किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें मजबूरन निजी व्यापारियों को 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान बेचना पड़ रहा है, जो कि सरकारी समर्थन मूल्य के मुकाबले काफी कम है।
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप: किसानों का आरोप है कि वे पिछले कई दिनों से शांतिपूर्वक धरना देकर प्रशासनिक अधिकारियों के आने और ज्ञापन लेने की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिसके बाद उन्हें हाईवे जाम करने का कदम उठाना पड़ा।
समस्याएं: किसानों के अनुसार, क्रय केंद्रों पर कभी पोर्टल की तकनीकी समस्या तो कभी श्रमिकों की कमी का हवाला देकर खरीद प्रक्रिया में देरी की जा रही है, जिससे करीब 50 प्रतिशत फसल बाजार में आ जाने के बाद भी किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
अल्टीमेटम: मौके पर पहुंचे सीओ विभव सैनी द्वारा समझाने के बावजूद किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15-20 मिनट के भीतर कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देता है, तो हाईवे की दूसरी साइड भी पूरी तरह जाम कर दी जाएगी।
प्रमुख किसान नेता:
इस विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का नेतृत्व करने वालों में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी, तराई किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह विर्क और किसान नेता ठाकुर जगदीश सिंह शामिल रहे।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि सरकार और प्रशासन तुरंत पोर्टल की समस्याएं दूर करे, पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था सुनिश्चित करे और सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर तत्काल धान खरीद शुरू करे, अन्यथा आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।

