मुंबई गर्जना मोर्चा: लंबे समय बाद एक मंच पर आए ठाकरे बंधु, एसआईआर और चुनाव आयोग पर बोला तीखा हमला
मुंबई गर्जना मोर्चा: लंबे समय बाद एक मंच पर आए ठाकरे बंधु, एसआईआर और चुनाव आयोग पर बोला तीखा हमला
मुंबई में आयोजित ‘मुंबई गर्जना मोर्चा’ के दौरान लंबे समय बाद ठाकरे परिवार के दो बड़े चेहरे—मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए। इस दौरान दोनों नेताओं ने मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
राज ठाकरे की प्रमुख मांगें और बयान:
एसआईआर रद्द हो: राज ठाकरे ने मांग की कि महाराष्ट्र में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच महाराष्ट्र में 40 से 60 लाख मतदाता बढ़ाए गए थे, जबकि अब एसआईआर के नाम पर करीब दो करोड़ लोगों के नाम हटाने की बात चल रही है।
बैलेट पेपर से हों चुनाव: उन्होंने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल को बंद कर बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की वकालत की। उन्होंने कहा कि 2017 से ही उन्हें चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका रही है, जिसके लिए उन्होंने पहले भी विपक्षी नेताओं से मुलाकात की थी।
उद्धव ठाकरे के तीखे सवाल:
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल: उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की व्यवस्था और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, जिन्हें केंद्र सरकार ने हटाकर प्रधानमंत्री द्वारा चुने गए मंत्री को शामिल कर लिया।
ज्ञानेश कुमार पर आपत्ति: उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और उनके अधिकारों को लेकर तीखा हमला बोला और कहा कि ऐसी कार्यप्रणाली स्वीकार्य नहीं है।
बदले की राजनीति: उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश में ‘इंडिया अगेंस्ट वोट चोर्स’ का मुद्दा मुख्य रूप से सामने है और सरकार की नीतियां तानाशाही व बदले की राजनीति को दर्शाती हैं।
ठाकरे ब्रदर्स का एक मंच पर आना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर एक सुर में आवाज उठाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

