पहाड़ों में वीकेंड पर उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़: हिमाचल से उत्तराखंड तक मुख्य पर्यटन स्थलों पर लंबा जाम, होटल के महंगे किराए से पर्यटक परेशान
पहाड़ों में वीकेंड पर उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़: हिमाचल से उत्तराखंड तक मुख्य पर्यटन स्थलों पर लंबा जाम, होटल के महंगे किराए से पर्यटक परेशान
वीकेंड पर पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहाड़ों का रुख करने के बाद हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। रोहतांग की बर्फबारी, लाहौल-स्पीति की वादियों और बाबा नीब करौरी के कैंची धाम की आस्था के बीच पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है।
हिमाचल: मनाली और शिमला में वाहनों का भारी दबाव
मनाली में ट्रैफिक जाम: मनाली आने वाले पर्यटक जाम में फंसते नजर आ रहे हैं। मनाली से सोलांग घाटी मार्ग और हिडिम्बा देवी सड़क मार्ग पर लगातार जाम लग रहा है।
शिमला के आंकड़े: शिमला में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को अकेले शोघी बैरियर से 16,277 वाहन शिमला पहुंचे, जिनमें करीब 7,060 वाहन बाहरी राज्यों के थे। सामान्य दिनों में भी 10 हजार वाहन प्रतिदिन शिमला पहुंच रहे हैं।
समय की बर्बादी: पर्यटकों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में 15-20 मिनट का सफर तय करने में अब 1 से 2 घंटे तक का समय लग रहा है।
पुलिस की अपील: शिमला के डीएसपी ट्रैफिक चंद्रशेखर ने पर्यटकों और वाहन चालकों से संयम बनाए रखने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है।
उत्तराखंड: नैनीताल और कैंची धाम में उमड़ा जनसैलाब
हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर लंबी कतारें: वीकेंड के चलते नैनीताल, भीमताल और कैंची धाम में पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। हल्द्वानी से नैनीताल और भीमताल जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
होटलों के बढ़े दाम और रात सड़कों पर गुजारने की मजबूरी: कई पर्यटकों ने शिकायत की है कि भारी भीड़ और कमरों की किल्लत के कारण 1,000 रुपये तक का कमरा 12,000 रुपये में मिलने जैसी स्थिति बन गई है। कई पर्यटकों को बस स्टैंड और रिक्शा स्टैंड जैसी जगहों पर रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे कुछ पर्यटकों में नाराजगी भी देखने को मिली।
कैंची धाम में भारी भीड़: बाबा नीब करौरी के कैंची धाम में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को तो रफ्तार मिली है, लेकिन यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
प्रशासन और पुलिस द्वारा प्रमुख बिंदुओं पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर यातायात को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पहाड़ों पर पहुंचे पर्यटकों को राहत मिल सके।
