Saturday, October 3, 2026
Latest:
राजनीति

मथुरा कृष्ण मंदिर निर्माण: धर्म संसद से पहले लखनऊ में लगे पोस्टर, अखिलेश यादव को दिया गया निमंत्रण

मथुरा कृष्ण मंदिर निर्माण: धर्म संसद से पहले लखनऊ में लगे पोस्टर, अखिलेश यादव को दिया गया निमंत्रण

​मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण को लेकर 4 अक्टूबर को होने वाली धर्म संसद से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सियासत गरमा गई है। शहर के प्रमुख चौराहों और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवास के पास पोस्टर लगाकर उन्हें इस धर्म संसद में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।

​पोस्टरों के जरिए सियासी संदेश

​विश्व हिंदू रक्षा परिषद (वीएचआरपी) की महिला विंग की अध्यक्ष प्रियंका ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष बादल यादव की ओर से ये पोस्टर लगाए गए हैं।

​पोस्टरों पर लिखा गया है कि जिस प्रकार ईद के मौके पर मुस्लिम वोटों के लिए ईदगाह जाया जाता है, उसी तरह वे इस धर्म संसद में आकर मंदिर निर्माण का समर्थन करें।

​पोस्टर पर भगवान श्रीकृष्ण की सुदर्शन चक्र लिए हुए तस्वीर के साथ यह नारा भी लिखा है— “अयोध्या, काशी तो बस झांकी है, अब केवल मथुरा ही बाकी है…”

​मथुरा कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पृष्ठभूमि

​हिंदू समाज लंबे समय से अयोध्या की तर्ज पर मथुरा में भी भव्य मंदिर बनाने की मांग कर रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि औरंगजेब के शासनकाल में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मंदिर को तोड़कर शाही ईदगाह मस्जिद बनाई गई थी।

​कानूनी लड़ाई: यह पूरा मामला वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत ने अपने पूर्व के आदेश में स्पष्ट किया है कि ये मुकदमे समय सीमा, वक्फ अधिनियम और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 से बाधित नहीं हैं।

​दावे और वाद: हिंदू पक्ष की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद के ढांचे को हटाकर भूमि का कब्जा वापस लेने और वहां भव्य मंदिर बहाल करने की मांग को लेकर कुल 18 वाद दायर किए गए हैं।

​पूजा स्थल अधिनियम (1991): यह कानून 15 अगस्त 1947 को मौजूद किसी भी धार्मिक स्थल के स्वरूप को बदलने पर रोक लगाता है, जिसे लेकर कानूनी और वैचारिक स्तर पर बहस जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *