फ्लाईदुबई विमान हादसा टालने वाले को-पायलट हमाम अल-हमामी के कट्टरपंथी कनेक्शन का खुलासा
फ्लाईदुबई विमान हादसा टालने वाले को-पायलट हमाम अल-हमामी के कट्टरपंथी कनेक्शन का खुलासा
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ 9/11 जैसी साजिश) में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों के मुताबिक, अल-हमामी की मानसिकता और उसके अतीत से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
कट्टरपंथी विचारों के चलते ओमान में लगी थी रोक
सीएनएन और अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम अल-हमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सीरिया में रहने के दौरान वह कट्टरपंथी विचारों के प्रभाव में आ गया था। पिछले साल चरमपंथी विचारधारा और चिंताओं के चलते उसे ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन के प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी हटा दिया गया था।
उड़ान पर रोक लगने के बाद वह ओमान छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) चला गया था, जहां उसने फ्लाईदुबई में नौकरी हासिल कर ली थी। फ्लाईदुबई में उसने केवल आठ महीने ही काम किया था।
सोशल मीडिया पोस्ट से उजागर हुई कट्टर सोच
CNN द्वारा किए गए विश्लेषण और डिलीट किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से हमामी की रूढ़िवादी और कट्टर सोच का पता चलता है:
महिला-पुरुष सह-कर्मचारियों का विरोध: उसने एक पोस्ट में महिला और पुरुषों के एक साथ काम करने वाली जगहों का विरोध करते हुए लिखा था कि ऐसी जगहों पर “धार्मिक महिलाएं बर्बाद हो सकती हैं।”
पारिवारिक शर्तें: फरवरी 2022 के एक डिलीट किए गए पोस्ट में उसने जिक्र किया था कि उसकी मां एक ऐसी बहू की तलाश में हैं जो नकाब पहने और शादी के बाद काम छोड़ दे। उसने लिखा था कि जब परिवारों को पता चलता है कि बेटा पायलट है, तो वे शर्तें मानने को तैयार हो जाते हैं।
विमान को क्रैश करने का था इरादा
इजराइल के i24NEWS और अन्य अंतरराष्ट्रीय सूत्रों के अनुसार, को-पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया है कि उसका इरादा विमान को इजरायल में क्रैश करने का था। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पुष्टि की है कि उसे कट्टरपंथी विचारधारा सिखाई गई थी और घटना के दौरान उसने चालक दल से कहा था, “मुझे मार डालो,” जिससे उसके आत्मघाती इरादों का पता चलता है।
फिलहाल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस घटना के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्क का हाथ था या यह उसकी व्यक्तिगत कट्टरता का परिणाम था।

