गांधी जयंती पर शिवाजी पार्क में CJP का बड़ा प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
गांधी जयंती पर शिवाजी पार्क में CJP का बड़ा प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
मुंबई, 2 अक्टूबर 2026: देश में चुनाव आयोग और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच गांधी जयंती के दिन मुंबई का ऐतिहासिक शिवाजी पार्क बड़े राजनीतिक और सामाजिक प्रदर्शन का केंद्र बन गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर हजारों युवा, छात्र संगठन और नागरिक यहां जुटे तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग उठाई।
पुलिस ने शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति नहीं दी थी। बॉम्बे हाई कोर्ट के पुराने आदेश, साइलेंस जोन और ट्रैफिक संबंधी कारण बताए गए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करते हुए मैदान पहुंचे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तिरंगे, व्यंग्यात्मक पोस्टर और मीम्स वाले तख्तियों के साथ नारे गूंजते रहे।
प्रदर्शन की अगुवाई और प्रमुख मांगें
प्रदर्शन की अगुवाई CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने की। मंच से उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने मुंबई से शुरू हुए इस आंदोलन को देशव्यापी अभियान में बदलने का ऐलान किया। CJP की प्रमुख मांगें हैं—ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, SIR पर रोक और पुरानी मतदाता सूची की बहाली।
युवाओं ने पारंपरिक नारों के बजाय सोशल मीडिया स्टाइल अपनाया। सबसे चर्चित तख्तियां थीं—“ज्ञानू, तुझा डेमोक्रेसी वर भरोसा नाय का?”, “ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन” और “गद्दार ज्ञानू मस्ट गो”। कुछ प्रदर्शनकारियों ने फिल्मी संवाद और अनोखे प्रॉप्स भी इस्तेमाल किए।
सितारों और संगठनों की मौजूदगी
प्रदर्शन में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, निर्देशक विशाल भारद्वाज, संगीतकार विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी शामिल हुए। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के कार्यकर्ता सक्रिय रहे। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी समर्थन जताया।
वहीं, ‘जेन नेक्स्ट मुंबई’ नामक एक समूह ने काउंटर-प्रोटेस्ट भी किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आयोग के खिलाफ आरोपों को “फर्जी नैरेटिव” बताया और कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है। चुनाव आयोग का रुख है कि SIR सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
अपडेट
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी तैनाती की थी और दादर स्टेशन समेत आसपास यातायात नियंत्रित रखा। अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन देश के अन्य शहरों तक फैलाया जाएगा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इसी मुद्दे पर अलग प्रदर्शन हुए, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
यह प्रदर्शन SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को और तीखा बनाता है। दोनों पक्षों के बीच विवाद जारी है।
