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एशियन गेम्स 2026: भारतीय बॉक्सिंग अभियान का शानदार अंत, अंकुश पंघाल ने जीता गोल्ड; भारत ने कुल 6 पदकों के साथ रचा इतिहास

एशियन गेम्स 2026: भारतीय बॉक्सिंग अभियान का शानदार अंत, अंकुश पंघाल ने जीता गोल्ड; भारत ने कुल 6 पदकों के साथ रचा इतिहास

​जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 (आइची-नागोया खेल) में भारतीय मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) दल का अभियान बेहद शानदार और ऐतिहासिक अंदाज में संपन्न हुआ। निशियो जिम्नेजियम में खेले गए पुरुषों के 80 किग्रा भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से करारी शिकस्त देकर देश की झोली में एक और स्वर्ण पदक (Gold Medal) डाल दिया।

​इस शानदार प्रदर्शन के साथ एशियन गेम्स के इस संस्करण में भारतीय बॉक्सिंग टीम ने कुल 6 पदक (3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज) अपने नाम किए हैं। गोल्ड मेडल जीतने के मामले में यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान रहा है।

​अंकुश पंघाल के फाइनल मुकाबले का हाल:

​दमदार शुरुआत: अंकुश ने मुकाबले की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। कोरियाई बॉक्सर को पहले राउंड में चेतावनी मिलने से एक अंक का नुकसान हुआ, और अंकुश ने जोरदार पंच लगाते हुए पहला राउंड 4-1 से अपने नाम किया।

​दूसरे और तीसरे राउंड में दबदबा: दूसरे राउंड में बेहतरीन 1-2 कॉम्बिनेशन और काउंटर पंच के दम पर अंकुश ने 5-0 से जीत हासिल की। इसके बाद तीसरे राउंड में भी डिफेंस और अटैक का शानदार तालमेल दिखाते हुए उन्होंने मुकाबला 4-0 से पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। जजों ने भी उनके पक्ष में 30-26 का फैसला दिया।

​एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग दल का कुल प्रदर्शन:

​इस बार भारत ने 11 बॉक्सर उतारे थे, जिनमें से मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 मेडल जीते:

​स्वर्ण पदक (3):

​अंकुश पंघाल (पुरुष 80 किग्रा)

​परवीन हुड्डा (महिला 65 किग्रा – चीनी ताइपे की निएन-चिन चे को हराकर)

​लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किग्रा – चीन की जियी बाओ को 5-0 से हराकर अपने 29वें जन्मदिन पर शानदार तोहफा)

​कांस्य पदक (3):

​कपिल पोखरिया (पुरुष 90 किग्रा)

​नरेन्द्र बेरवाल (पुरुष 90+ किग्रा)

​प्रिया घांघस (महिला 60 किग्रा)

​ऐतिहासिक उपलब्धियां:

​स्वर्ण के मामले में सर्वश्रेष्ठ: हालांकि 2010 के एशियन गेम्स में भारत ने कुल मिलाकर सबसे ज्यादा (9) पदक जीते थे, लेकिन इस बार 3 गोल्ड मेडल जीतने के लिहाज से यह अभियान भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास का सबसे बेहतरीन और सफल अभियान साबित हुआ है।

​पिछले एशियन गेम्स (4 पदक: 1 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) की तुलना में इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने पदकों की गुणवत्ता और संख्या दोनों में शानदार सुधार किया है।

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