भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी (फर्स्ट-क्लास) क्रिकेट से लिया संन्यास, सफेद जर्सी में नहीं आएंगे नजर
भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी (फर्स्ट-क्लास) क्रिकेट से लिया संन्यास, सफेद जर्सी में नहीं आएंगे नजर
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी (रेड बॉल) क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। अब वह कभी भी सफेद जर्सी (व्हाइट जर्सी) में रेड बॉल क्रिकेट खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। चहल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी और अपने 17 साल लंबे फर्स्ट-क्लास सफर को बेहद भावुक अंदाज में याद किया।
चहल के संन्यास से जुड़ी मुख्य बातें और उनका करियर:
भावुक विदाई: चहल ने अपने पोस्ट में लिखा, “मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह रेड बॉल थी… मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। यहीं पर मैंने सब्र, कैरेक्टर और हर रन-विकेट के लिए लड़ने की असली खुशी सीखी।” उन्होंने बताया कि उनका आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर था। टेस्ट कैप पहनने का सपना पूरा न होने का मलाल जरूर है, लेकिन वह अपने इस सफर से पूरी तरह संतुष्ट और शुक्रगुजार हैं।
सीमित ओवरों (ODI & T20) में जारी रहेगा सफर: चहल ने साफ किया है कि वह अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं और उनके अंदर देश के लिए खेलने की भूख अभी भी जिंदा है। वह वनडे और टी20 फॉर्मेट में वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। इसके अलावा वह घरेलू क्रिकेट में लिस्ट ए, टी20 और आईपीएल में पूरी तरह सक्रिय रहेंगे।
फर्स्ट-क्लास करियर के आंकड़े: चहल ने साल 2009 में हरियाणा की तरफ से मध्य प्रदेश के खिलाफ अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की थी। अपने करीब 17 साल के करियर में उन्होंने कुल 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 148 विकेट हासिल किए। हालांकि, वह भारत के लिए कभी टेस्ट मैच नहीं खेल सके और उनका टेस्ट खेलने का सपना अधूरा ही रह गया।
अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर:
युजवेंद्र चहल ने साल 2016 में भारत के लिए वनडे और टी20 में डेब्यू किया था।
उन्होंने भारत के लिए 72 वनडे मैचों में 121 विकेट और 80 टी20 मैचों में 96 विकेट अपने नाम किए हैं।
उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 13 अगस्त 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।
