करौंदा (कैरिसा कैरंडास): औषधीय गुणों से भरपूर कांटेदार पौधा, जानें इसके फायदे और उपयोग
करौंदा (कैरिसा कैरंडास): औषधीय गुणों से भरपूर कांटेदार पौधा, जानें इसके फायदे और उपयोग
करौंदा (कैरिसा कैरंडास) एक बेहद उपयोगी, छोटा और कांटेदार पौधा है, जो अपने खट्टे-कसैले स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी अनगिनत फायदों के लिए जाना जाता है। हाल ही में बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ के जरिए इस पौधे की खूबियों को साझा किया है।
करौंदे की मुख्य विशेषताएं और पौधे का स्वरूप:
आकार और संरचना: करौंदे का पौधा आमतौर पर 8 से 12 फीट तक ऊंचा होता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसकी मजबूत और घनी कांटेदार शाखाएं हैं।
पत्तियां और फूल: इसकी पत्तियां छोटी, मोटी और एक-दूसरे के विपरीत दिशा में होती हैं। इस पर छोटे, सुगंधित और सुंदर सफेद रंग के फूल खिलते हैं।
रंग में बदलाव: फूलों के बाद इस पर छोटे फल लगते हैं, जो शुरुआत में हरे रंग के होते हैं, लेकिन पकने के साथ ही लाल और फिर गहरे बैंगनी-काले रंग में बदल जाते हैं।
प्राकृतिक बाड़: इसे कम देखभाल की जरूरत पड़ती है और इसकी कांटेदार संरचना के कारण इसे खेतों, बगीचों और घरों के आसपास ‘प्राकृतिक बाड़’ (नेचुरल फेंसिंग) के रूप में भी लगाया जाता है।
खानपान में उपयोग:
भारतीय रसोई में करौंदे का विशेष स्थान है:
इसके फलों से स्वादिष्ट अचार, जैम और जेली बनाई जाती है।
कई पारंपरिक व्यंजनों और सब्जियों में इसके इस्तेमाल से खाने का स्वाद और जायका बढ़ जाता है। लोग इसे पकने पर कच्चा या ताजा भी खाना पसंद करते हैं।
पोषण और सेहत के लाभ:
सेहत के लिहाज से करौंदा बेहद गुणकारी है:
आयरन और विटामिन-सी: करौंदे के फलों में आयरन और विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
इसे आप अपनी डाइट में अचार, चटनी, सब्जी या अन्य रूपों में शामिल कर सकते हैं, जो इम्युनिटी और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित होता है।
