बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर सियासत तेज: सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर सियासत तेज: सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राज्य में हाल ही में सामने आई उत्पीड़न और हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
इस पूरे बयान और घटनाक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु:
मंत्री और नेताओं के ‘ब्लड टेस्ट’ की मांग:
पप्पू यादव ने विवादित बयान देते हुए कहा कि राज्य के कई मंत्री और नेता गांजा और शराब का सेवन करते हैं। उन्होंने मांग की है कि इन सभी नेताओं का ब्लड टेस्ट कराया जाना चाहिए, जिससे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकेंगे।
बढ़ते अपराध और बच्चियों की सुरक्षा पर चिंता:
जमुई, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बांका जैसी जगहों पर बच्चियों के साथ हुई हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और जवाबदेही की भारी कमी है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
नशे की लत को बताया मूल जड़:
सांसद ने दावा किया कि समाज में नशे की लत तेजी से फैल रही है और एक बहुत बड़ा युवा वर्ग ड्रग्स, चरस व गांजे की गिरफ्त में है। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रभाव के कारण ही आज गांव-गलियों और सुनसान रास्तों से गुजरने वाली बेटियां और महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं।
प्रशासनिक और कार्यस्थल पर शोषण के आरोप:
पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि समाज के विभिन्न स्तरों पर महिलाएं और पेशेवर कर्मी (जैसे शिक्षिकाएं, नर्सें आदि) भी सुरक्षित नहीं हैं और व्यवस्था में जवाबदेही तय न होने के कारण ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
पप्पू यादव के इन तीखे बयानों के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है और विपक्षी नेता इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहे हैं।
