सौरव गांगुली को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 14.49 करोड़ के आर्बिट्रल अवॉर्ड पर Percept की चुनौती खारिज
सौरव गांगुली को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 14.49 करोड़ के आर्बिट्रल अवॉर्ड पर Percept की चुनौती खारिज
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली के पक्ष में दिए गए 14.49 करोड़ रुपये के आर्बिट्रल अवॉर्ड को चुनौती देने वाली Percept Talent Management की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया।
यह विवाद 22 अक्टूबर 2003 को हुए Player Representation Agreement (PRA) से जुड़ा है। इसके तहत Percept को गांगुली के व्यावसायिक और प्रचार संबंधी अधिकारों के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी। विवाद का एक प्रमुख मुद्दा यह था कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से गांगुली को मिली रकम क्या इस समझौते के तहत Revenue Sharing में शामिल होती है।
Percept ने दलील दी थी कि KKR के साथ गांगुली का अनुबंध भी PRA के दायरे में आता है। हालांकि, आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने माना था कि KKR से मिली रकम क्रिकेट खेलने के अनुबंध से जुड़ी थी और यह गांगुली के व्यावसायिक या व्यक्तिगत प्रचार अधिकारों से अलग थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी इस निष्कर्ष में हस्तक्षेप नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने भी Percept की दलील पर सवाल उठाया और KKR के लिए क्रिकेट खेलने तथा प्रचार गतिविधियों के बीच अंतर की ओर ध्यान दिलाया। शीर्ष अदालत ने आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल और कलकत्ता हाईकोर्ट के समान निष्कर्षों में दखल का आधार नहीं पाया।
आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने गांगुली के पक्ष में 14,49,91,000 रुपये का अवॉर्ड दिया था। इसके अलावा 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 50 लाख रुपये मुकदमा खर्च भी निर्धारित किया गया था।
