सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 22 आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया नोटिस
सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 22 आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया नोटिस
चर्चित सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में 21 पुलिसकर्मियों सहित 22 आरोपियों को बरी करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) और बरी किए गए सभी 22 आरोपियों को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को होगी।
मामले और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से जुड़े मुख्य बिंदु:
याचिकाकर्ता: सोहराबुद्दीन शेख के भाई रूबाबुद्दीन शेख ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने यह कदम उठाया है।
अदालत की मुख्य टिप्पणियां:
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि इस मामले में 92 गवाह अपने बयानों से मुकर गए। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने इसे गंभीर विषय बताते हुए यह विचारणीय माना है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष और न्यायपूर्ण सुनवाई हुई थी या नहीं।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने स्पष्ट किया कि अदालत पूरे रिकॉर्ड को तलब नहीं करेगी, बल्कि संबंधित पक्षों से 3-4 सबसे अहम गवाहों के बयान पेश करने को कहा है, ताकि मामले के चुनिंदा और महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जा सके।
मामले की पृष्ठभूमि:
वर्ष 2005 में गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख और उनकी पत्नी कौसर बी की कथित फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई थी।
दिसंबर 2018 में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद, 7 मई 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के इस फैसले को बरकरार रखा था, जिसके खिलाफ अप्रैल 2019 से लंबित अपीलों पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तेज हुई है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि गुजरात और राजस्थान पुलिस ने इनका अपहरण किया था और कोई ठोस साजिश साबित नहीं हो सकी।
