मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक: टिहरी झील को ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’ बनाने के निर्देश और चारधाम मास्टर प्लान की समीक्षा
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक: टिहरी झील को ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’ बनाने के निर्देश और चारधाम मास्टर प्लान की समीक्षा
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने टिहरी झील को वैश्विक स्तर पर विकसित करने और बदरीनाथ-केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की।
1. टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के निर्देश
समग्र मास्टर और जोनल प्लान: मुख्य सचिव ने टिहरी झील के आसपास के लगभग 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र (सरकारी और निजी भूमि दोनों को शामिल करते हुए) का दीर्घकालिक और सुनियोजित मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि क्षेत्र में बेतरतीब विकास को रोका जा सके।
मैग्नेट एरिया और फेजवाइज योजना: पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पूरे लेक एरिया में आकर्षण के प्रमुख केंद्र (मैग्नेट एरिया) विकसित किए जाएंगे। इसके लिए चरणबद्ध (Phasewise) योजना बनाई जाएगी ताकि पर्यटक कम से कम 1-2 दिन या उससे अधिक समय तक ठहर सकें।
वर्षभर पर्यटन गतिविधियां: अप्रैल से जून के बीच जलस्तर कम रहने के बावजूद पर्यटकों के लिए पर्याप्त गतिविधियां सुनिश्चित करने हेतु मौसम और जलस्तर के अनुसार एक एक्टिविटी कैलेंडर तैयार करने को कहा गया है।
रूरल और कल्चरल टूरिज्म: टिहरी लेक के आसपास नए ट्रैकिंग रूट्स विकसित करने और स्थानीय गांवों को पर्यटन से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यटक स्थानीय संस्कृति, खान-पान और ग्रामीण जीवन से रूबरू हो सकें और स्थानीय लोगों को रोजगार मिले।
प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुति: टिहरी लेक को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की इस समग्र कार्ययोजना पर एक विस्तृत प्रजेंटेशन तैयार कर प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अगली बैठक में टीएचडीसी (THDC) के अधिकारियों को भी शामिल करने को कहा गया है।
2. श्री बदरीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा
केदारनाथ पुनर्निर्माण: मुख्य सचिव ने केदारनाथ में सेंट्रल स्ट्रीट के अंतर्गत 6 भवनों के निर्माण को उच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा सीजन के समाप्त होने के तुरंत बाद कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
निगरानी और समय-सीमा: संस्कृति मंत्रालय द्वारा कराए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं ताकि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे हो सकें। साथ ही मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण की अनुमति न दिए जाने और इसके लिए तत्काल शासनादेश (GO) जारी करने को कहा गया है।
बदरीनाथ अस्पताल: बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत निर्माणाधीन अस्पताल को आगामी 15 दिनों में शुरू किए जाने की योजना है। मुख्य सचिव ने इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
