उत्तराखंड: जौनसार क्षेत्र में सियासी घमासान तेज, भाजपा के भीतर खींचतान के बीच 12 करोड़ के बजट पर लगी रोक
उत्तराखंड: जौनसार क्षेत्र में सियासी घमासान तेज, भाजपा के भीतर खींचतान के बीच 12 करोड़ के बजट पर लगी रोक
उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों जौनसार क्षेत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर चल रही आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। इसी बीच, जनजातीय कल्याण विभाग द्वारा जारी एक सरकारी आदेश ने इस सियासी विवाद को और अधिक हवा दे दी है, जिसमें करीब 12 करोड़ रुपये के बजट खर्च पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
जौनसार बजट विवाद और मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन
मधु चौहान का प्रदर्शन: यह पूरा विवाद तब गहराया जब भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी और भाजपा नेता मधु चौहान ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मंत्री खजान दास के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
गंभीर आरोप: प्रदर्शनकारियों ने जनजातीय क्षेत्र के लिए जारी होने वाले बजट आवंटन में अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोप लगाए। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि विकास योजनाओं का बजट कांग्रेस से जुड़े लोगों को दिया जा रहा है।
राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई: इस प्रदर्शन को केवल विभागीय बजट तक सीमित नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे जौनसार क्षेत्र में भाजपा के भीतर लंबे समय से चल रही राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
ज्वाइनिंग को लेकर भी आमने-सामने आए खेमे
दलों की आंतरिक राजनीति और गुटबाजी केवल बजट तक सीमित नहीं रही, बल्कि हाल ही में कुछ नए लोगों को पार्टी में शामिल कराने (ज्वॉइनिंग) को लेकर भी विवाद सामने आया। खबरों के अनुसार, चौहान खेमे द्वारा पार्टी मुख्यालय में कुछ लोगों को भाजपा में शामिल कराने की तैयारी थी, लेकिन बात न बनने पर कथित तौर पर एक सरकारी कार्यालय में उन्हें सदस्यता दिलाए जाने की बात सामने आई, जिसने दोनों खेमों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।
12 करोड़ के बजट पर रोक से गरमाया पारा
इन तमाम घटनाओं के बीच बुधवार शाम जनजातीय कल्याण निदेशालय का एक नया आदेश सामने आया, जिसने सियासी पारे को और चढ़ा दिया है:
आदेश के मुताबिक: उच्च स्तर से मिले निर्देशों के क्रम में जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित लगभग 12 करोड़ रुपये के बजट के खर्च पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
सियासी मायने: इस रोक को जौनसार की मौजूदा राजनीतिक खींचतान और विरोध-प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जा रहा है।
जौनसार क्षेत्र में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावों को देखते हुए भाजपा के भीतर अलग-अलग नेताओं (जैसे मुन्ना चौहान और मंत्री खजान दास खेमे) की बढ़ती सक्रियता ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। फिलहाल 12 करोड़ के बजट पर लगी रोक ने विपक्ष के साथ-साथ आंतरिक विरोधियों को भी एक नया मुद्दा दे दिया है।
