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पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई के वरिष्ठ मंत्री फज़ल शकीर खान का कथित अपहरण, राजनीतिक घमासान तेज

पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई के वरिष्ठ मंत्री फज़ल शकीर खान का कथित अपहरण, राजनीतिक घमासान तेज

​पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत में सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) से जुड़े एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में, प्रांतीय मंत्री फज़ल शकीर खान के कथित अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रांतीय सरकार का आरोप है कि पेशावर में सादे कपड़ों में आए अज्ञात लोगों ने मंत्री के वाहन पर गोलीबारी की और उनका अपहरण कर लिया। इस घटना के बाद से प्रांत की राजनीति में भारी उबाल आ गया है और विधानसभा का आपातकालीन सत्र बुलाया गया है।

​मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के गंभीर आरोप और प्रेस कॉन्फ्रेंस

​पेशावर में पीटीआई के शीर्ष नेताओं के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र पर तीखे सवाल उठाए:

​दिनदहाड़े अपहरण और फायरिंग: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मंत्री फज़ल शकीर खान को दिनदहाड़े सादे कपड़ों में आए अज्ञात तत्वों ने निशाना बनाया और उनके वाहन पर गोलियां बरसाते हुए उनका अपहरण किया।

​राजनीतिक बदले की भावना का आरोप: मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “यदि सरकार या व्यवस्था में बैठे किसी व्यक्ति को यह भ्रम है कि इस प्रकार के दमन और हथकंडों से हमारा राजनीतिक आंदोलन कमजोर पड़ जाएगा, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं।”

​एक अन्य मंत्री शकील अहमद पर भी हमले का दावा

​पीटीआई नेतृत्व ने खुलासा किया है कि यह अकेली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले रविवार को एक अन्य प्रांतीय मंत्री शकील अहमद को भी इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। पार्टी के मुताबिक:

​शकील अहमद के कथित अपहरण के प्रयास के दौरान भी हमलावरों ने उनके काफिले पर गोलियां चलाईं।

​हालांकि, समय रहते सतर्कता बरतने के कारण मंत्री सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे।

​प्राथमिकी दर्ज और विधानसभा का आपातकालीन सत्र

​एफआईआर (FIR): मंत्री फज़ल शकीर खान के सचिव मुहम्मद आलम ने मीडिया को पुष्टि की है कि इस गंभीर घटना के संबंध में पेशावर के चामकनी पुलिस स्टेशन में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है।

​सदन में हंगामा और आपात सत्र: लगातार दो मंत्रियों को निशाना बनाए जाने और कथित अपहरण की इस घटना के विरोध में खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा का विशेष आपात सत्र बुलाया गया है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली तथा सदस्यों ने घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।

​प्रशासनिक चुप्पी: इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पेशावर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे राजनीतिक तनाव और अधिक बढ़ गया है।

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