नेपाल में कुदरत का कहर: सैलाब और भूस्खलन में 1,344 की मौत, 5 हजार लापता; 400 अरब रुपये का नुकसान
नेपाल में कुदरत का कहर: सैलाब और भूस्खलन में 1,344 की मौत, 5 हजार लापता; 400 अरब रुपये का नुकसान
काठमांडू: नेपाल में बीते 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने देश भर में भारी तबाही मचाई है। सरकारी व आपदा प्रबंधन एजेंसियों के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस त्रासदी में करीब 400 अरब नेपाली रुपये (लगभग 2.56 अरब डॉलर) की राष्ट्रीय संपत्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी संपत्तियों का नुकसान हुआ है। आपदा प्रभावित इलाकों में नेपाली सेना, पुलिस और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल राहत अभियान में जुटे हैं।
1. 1,344 शव बरामद, मलबे और सुरंगों में 5 हजार लापता लोगों की तलाश
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र: अब तक बरामद 1,344 शवों में से अधिकांश चितवन, रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों से निकाले गए हैं।
हाइड्रोपावर सुरंगों में रेस्क्यू: रसुवा स्थित त्रिशूली-3A और चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय व चीनी टीमों के सहयोग से अभियान जारी है। त्रिशूली-3A से दो स्थानीय श्रमिकों और एक चीनी नागरिक को सुरक्षित निकाला गया है।
अस्थायी जिपलाइन का सहारा: पुल बह जाने के कारण नुवाकोट के देवघाट और बिदुर में त्रिशूली नदी पार करने के लिए सेना और स्थानीय लोग अस्थायी जिपलाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
2. बुनियादी ढांचे को करारा झटका: 7,500 से अधिक घर तबाह, 105 पुल टूटे
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार:
सड़क और पुल क्षतिग्रस्त: 55 किलोमीटर लंबी सड़कें मलबे में तब्दील हो गई हैं। इसके अलावा 37 पक्के सड़क पुल और 68 झूला पुल बह गए हैं।
मकान और खेती: लगभग 7,570 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं और 1,806 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ में बह गई है।
बिजली संकट: 13 जलविद्युत परियोजनाएं, एक सोलर प्लांट और 2 मुख्य ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त होने से देश की करीब 783 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है।
3. पीक सीजन में पर्यटन उद्योग पस्त, 20% तक बुकिंग्स रद्द
सितंबर से नवंबर का समय नेपाल में विदेशी पर्यटकों का पीक सीजन माना जाता है:
अग्रिम बुकिंग कैंसिलेशन: आपदा के चलते काठमांडू और पोखरा के होटलों में लगभग 20% एडवांस बुकिंग रद्द हो चुकी हैं।
’नेपाल कॉलिंग’ अभियान: देश के पूरी तरह जलमग्न होने की अफवाहों को खारिज करने के लिए सरकार ने #NepalCalling अभियान शुरू किया है।
प्रमुख पर्यटन स्थल सुरक्षित: नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि काठमांडू, पोखरा, चितवन, लुंबिनी, जनकपुर, अन्नपूर्णा सर्किट और एवरेस्ट बेस कैंप के रास्ते पूरी तरह सुरक्षित व चालू हैं। केवल लांगटांग, गोसाइंकुंडा, हेलंबू और तामांग हेरिटेज ट्रेल जैसे कुछ चुनिंदा पर्वतीय मार्ग ही प्रभावित हैं।
4. राहत व पुनर्निर्माण: 6 महीने में 8 अरब रुपये की आवश्यकता
आपदा पीड़ितों को तात्कालिक सहायता, अस्थायी आश्रय और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अगले 6 महीनों में 8 अरब नेपाली रुपये की तत्काल जरूरत जताई गई है। सरकार पोस्ट-डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके आधार पर मित्र देशों व अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से पुनर्निर्माण की योजना बनाई जाएगी।
